सोनीपत। नियम 134ए के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में दाखिला देने से मना करने पर अब बुधवार से उन स्कूलों की बसों को पंक्चर कर चक्काजाम किया जाएगा। मंगलवार को अभिभावकों ने रोष जताते हुए अभिभावक हरियाणा एकता मंच के बैनर तले लिटिल एंजल्स स्कूल पहुंचे और स्कूल व सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों व सरकार के बीच चल रही लड़ाई का असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने लगा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हरियाणा अभिभावक मंच के राज्य सचिव राजीव वर्मा ने कहा कि सरकार व निजी स्कूल मिलीभगत कर बच्चों को दाखिला नहीं दे रहे हैं। सरकार से पैसा लेना या सरकार की तरफ से पैसा देना उनके आपस की समस्या है। इसमें विद्यार्थियों को घसीटा जाना गलत है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार समय रहते नहीं जागी तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर रेनू, राजेश, बेबी, प्रदीप रोहिल्ला, रुपेश, उदेश, नूनिया, सतबीर ने रोष जताया।
छात्र अभिभावक संघ के संयोजक विमल किशोर के नेतृत्व में मंगलवार को अभिभावकों ने बैठक की। बैठक में विमल किशोर ने कहा कि एक तरफ निजी स्कूल अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार इस बारे में कोई कदम नहीं उठा रही। सरकार व निजी स्कूलों की लड़ाई का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है, इसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बुधवार को निजी स्कूलों में जाकर बच्चों को दाखिला देने की मांग की जाएगी। इस दौरान जो स्कूल बच्चों को दाखिला देने से इंकार करेंगे उनकी स्कूल बसों को पंक्चर और चक्काजाम किया जाएगा। जब तक नियम 134ए के तहत बच्चों को दाखिला नहीं दिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
अभिभावकों को गुमराह कर रहे स्कूल
प्रेम चौहान ने कहा कि इस तरह के हालात राई ब्लॉक में भी बने हुए हैं। स्कूल अभिभावकों को अलग-अलग तरीके से गुमराह कर रहे हैं। कभी कागजों के नाम पर तो कभी पैसों के नाम पर अभिभावकों को चक्कर कटवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर स्कूलों द्वारा दाखिले ना दिए गए तो इस आंदोलन को तेज किया जाएगा। स्कूल संचालक अभिभावकों के बैंक खातों की स्टेटमेंट मांग रहे हैं।
3823 विद्यार्थियों को दिया जाना है दाखिला
नियम 134ए के तहत जिले में 9 हजार 178 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन जमा करवाए थे। जिसके बाद 14 अप्रैल को आयोजित परीक्षा में 7 हजार 566 विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई थी। इसमें 5 हजार 225 विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की थी। इनमें से 3 हजार 823 विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट कर दिए गए थे, लेकिन अब इन स्कूलों में दाखिलों के लिए अभिभावकों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
निजी स्कूल विद्यार्थियों को दाखिला देने से इंकार नहीं कर सकते। बीईओ कार्यालय से सभी निजी स्कूलों को निर्देश जारी किए गए हैं कि कोई भी स्कूल फीस व बीईओ कार्यालय से लेटर जारी न होने जैसे बहाने बनाकर दाखिला देने से इंकार नहीं कर सकता। स्कूलों को गत वर्षों की प्रतिपिूर्ति राशि जल्द दी जाएगी। अगर कोई स्कूल नियमों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-मनोज वर्मा, नोडल अधिकारी, नियम 134ए, सोनीपत।