बड़ौली, असदपुर नांदनौर में अवैध खनन, यमुना का बांध तोड़कर निकाल रहे ट्रक, ग्रामीणों ने किया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। सरकार ने नदियों को बचाने के लिए भले ही करोड़ों रुपया खर्च कर दिया हो, लेकिन यहां यमुना में अवैध रूप से खनन करके उसमें कुंड बनाए जा रहे हैं। डीसी के बदलने के बाद खनन विभाग के अधिकारियों ने बड़ौली व असदपुर नांदनौर में अवैध रूप से खनन शुरू करा दिया है और अवैध खनन करके रेत से भरे ट्रकों को गढ़मिर्कपुर में यमुना के बांध से होकर निकाला जा रहा है। जबकि पहले डीसी ने बांध से रेत के भरे ट्रकों को निकालने पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब डीसी बदलने के बाद उसे भी शुरू करा दिया है। जिससे बांध टूट जाता है और बरसात के समय में यमुना में पानी आने पर किसानों की फसल डूब जाती हैं। इस कारण ही बड़ौली व गढ़मिर्कपुर के लोगों ने अफसरों पर खनन माफियों संग मिलीभगत करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
सरकार ने यमुना में खनन करने के लिए वर्ष 2015 में पट्टे आवंटित किए थे। जिसके लगभग एक साल बाद ही जेसीबी व पॉकलेन मशीनों से खनन करने पर कोर्ट ने रोक लगा दी थी। जिससे कई जगह खनन बंद कर दिया गया और जेसीबी से खनन पर रोक लगाए जाने के बाद कई ठेकेदारों ने हर महीने की पट्टे की किश्त जमा करानी बंद कर दी थी। जिससे बड़ौली, टिकौला व असदपुर नांदनौर के ठेकेदारों पर सरकार का 50 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया हो गया था। इसके बावजूद तीनों जगह खनन शुरू कर दिया था, जिसमें कार्रवाई करते हुए खनन विभाग के अधिकारियों ने पिछले महीने खनन को बंद कराकर खान सस्पेंड कर दी थीं। लेकिन अब बड़ौली व असदपुर नांदनौर में यमुना में अवैध रूप से खनन किया जा रहा है। बड़ौली के पास खनन करके रेत से भरे ट्रकों को यमुना के बांध के रास्ते हाईवे पर लाया जा रहा है, जबकि पूर्व डीसी विनय सिंह ने यमुना के बांध पर रेत से भरे ट्रक निकालने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी थी। उसके बावजूद बड़ौली व असदपुर नांदनौर में अवैध रूप से खनन किया जा रहा है और ट्रकों को गढ़मिर्कपुर में बांध के ऊपर से निकाला जा रहा है। जिसको लेकर बड़ौली के सोनू, बिरमे, कालू के अलावा गढ़मिर्कपुर के संदीप, राजू आदि ने हंगामा किया और अधिकारियों पर रेत माफियाओं संग मिलीभगत करके अवैध खनन कराने का आरोप लगाया।
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ओवरलोड ट्रक तोड़ते हैं बांध, यमुना में पानी आते ही डूबती हैं फसल
यमुना में खनन करके रेत से ट्रकों को ओवरलोड भर लिया जाता है और उसके बाद यमुना के बांध के रास्ते से हाईवे पर निकाला जाता है। जिससे यमुना का बांध टूट जाता है। इस कारण ही पिछले साल बरसात के समय यमुना में पानी आने पर किसानों की फसल डूब गई थीं और गांवों में पानी घुसने लगा था। इस कारण ही डीसी रहे विनय सिंह ने यमुना के बांध से रेत के वाहनों को निकालने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी थी। लेकिन अब डीसी के बदलते ही अफसरों ने खेल शुरू करा दिया है और यमुना के बांध से रेत के ट्रकों को निकलवाया जा रहा है।
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किश्त जमा नहीं करने पर कई खान सस्पेंड करके खनन बंद कराया गया था। उसके बावजूद किसी जगह पर खनन शुरू किया गया है तो वह पूरी तरह से अवैध है और इसकी जांच करके कार्रवाई की जाएगी। यमुना में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। मंजीत कुमार, खनन निरीक्षक