ओलंपिक के लिए दावेदारी पेश करूंगा, उसके लिए कर रहा हूं तैयारी: सुशील
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। ओलंपिक में दो बार पदक जीतने वाले पहलवान सुशील कुमार अभी 2020 में टोक्यो ओलंपिक में खेलने की तैयारी कर रहे हैं। ओलंपिक में खेलने के लिए सुशील कुमार ने साफ कहा कि वह उसके लिए दावेदारी पेश करेंगे और उसके लिए ही तैयारी में लगे हुए हैं। जबकि एशियन गेम्स में हार के बाद माना जा रहा था कि सुशील कुमार अब ओलंपिक के लिए दावेदारी पेश नहीं करेंगे और वह दूसरे पहलवानों को मौका देंगे। लेकिन सुशील ने साफ कर दिया है कि वह अभी एक ओलंपिक ओर खेलेंगे।
सुशील कुमार वीरवार को गीतांजलि सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चल रही नेशनल स्कूल महिला कुश्ती चैंपियनशिप में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। जहां सुशील कुमार ने बातचीत में कहा कि इस समय उनका पूरा फोकस 2020 में टोक्यो में होने वाले ओलंपिक पर है। उसपर फोकस करके ही वह रोजाना प्रैक्टिस कर रहे हैं और उनकी प्रैक्टिस आज भी कम नहीं हुई, जिसे वह सुबह व शाम दोनों समय नियमित करते हैं। सुशील कुमार ने कहा कि ओलंपिक के लिए अगले साल होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप से क्वालीफाई शुरू हो जाएंगे और उसमें वह पूरी तैयारी के साथ उतरेंगे। वहीं पहलवानों को संबोधित करते हुए सुशील कुमार ने कहा कि कुश्ती एक तपस्या वाला खेल है, जिसमें जितनी ज्यादा तपस्या की जाती है। उसमें खिलाड़ी उतना ही ज्यादा तपकर निकलता है और वह आगे तक जाता है। इसके साथ ही सुशील कुमार ने पहलवानों को गुरु का सम्मान करने की सीख दी, क्योंकि गुरु का सम्मान करने वालों को मंजिल जरूर मिलती है। सुशील कुमार ने कहा कि ओलंपिक मेडल का रास्ता नेशनल स्कूल चैंपियनशिप से होकर ही जाता है और वह भी नेशनल स्कूल खेलकर ही ओलंपिक तक पहुंचे, जहां से मेडल भी जीता। सुशील ने कहा कि स्कूली स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के लिए फेडरेशन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहां गुरु सदन के चेयरमैन नरेंदर नरेंद्र सूरा व एईईओ जगबीर सिंह मलिक ने सुशील कुमार का पगड़ी पहनाकर व स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।
बड़वासनी में भी किया सुशील का स्वागत
चैंपियनशिप मेें पहुंचने से पहले बड़वासनी गांव में बबला प्रधान के नेतृत्व में पंचायत ने सुशील कुमार का स्वागत किया। जहां दीपक कुहाड़, रणधीर, अमित सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। यहां से बाइक पर युवक सवार होकर ढ़ोल लेकर सुशील कुमार को चैंपियनशिप के आयोजन स्थल तक लेकर गए।