लापरवाही बरतने पर दो ग्राम सचिव निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो,
सोनीपत। उद्योगों को सीएलयू देने के लिए विभिन्न विभागों की तरफ से दी जाने वाली एनओसी में लापरवाही बरतने पर उपायुक्त के. मकरंद पांडुरंग ने सोमवार को दो ग्राम सचिवों को निलंबित कर दिया। इनमें वाजिदपुर साबौली गांव का ग्राम सचिव जोगेंद्र सिंह और राई व नाथुपुर गांव का ग्राम सचिव आनंद शामिल हैं।
उपायुक्त के मकरंद पांडुरंग की अध्यक्षता में डेढ़ माह पहले एचएसआईआईडीसी राई में जिला स्तरीय क्लियरेंस कमेटी (डीएलसीसी) की मीटिंग हुई थी। जिसमें उद्योगपतियों ने रास्ता चौड़ा करने के लिए अपनी खुद की जमीन ग्राम पंचायत को गिफ्ट करने की बात कही थी। इस पर उपायुक्त ने आदेश दिए थे कि उद्योगपति डीडीपीओ कार्यालय में संपर्क करें और संबंधित ग्राम सचिव एक सप्ताह के अंदर ग्राम पंचायत से प्रस्ताव पास करवा कर इस जमीन को गिफ्ट के तौर पर लें। इसके बाद सोमवार को हुई डीएलसीसी की मीटिंग में समीक्षा के दौरान पाया गया कि इस संबंध में ग्राम सचिवों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर कार्रवाई करते हुए उपायुक्त ने दोनों ग्राम सचिवों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर करने के आदेश जारी कर दिए।
इसके साथ ही उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार की नीति स्पष्ट है। सभी अधिकारी निर्धारित समय पर सीएलयू के लिए जरूरी एनओसी जारी करें।
सोमवार को सात उद्योगों को मौश्केभ पर ही उद्योग लगाने के लिए सीएलयू दी गई। इनमें राई में सतीश अरोड़ा एंड संस को बैटरी प्लेट, अकबरपुर बारौटा में उर्मिला देवी को आयरन स्टील का सामान, रंजन सिंह कुशवाह को नाथुपुर गांव में मशीन रिपेयरिंग यूनिट, सुनील को राई में एग्रो प्रोडक्ट के लिए, राकेश को नाथुपुर गांव में इलैक्ट्रिक उपकरण बनाने के लिए, देवेंद्र कुमार नाथुपुर पीवीसी सेनेटरी समान के लिए सीएलयू जारी की गई।
इसके साथ ही श्री हरी वैष्णो विनायल प्राईवेट लिमिटेड, इंपीरियल फूड और चंदा स्टील वक्र्स प्राईवेट लिमिटेड को प्रदूषण विभाग की एनओसी जारी की गई। मीटिंग में सीएमजीजीए भास्कर, जीएम डीआईसी आरके राणा, डीडीपीओ नरेंद्र धनखड़, डीटीपी धीरेंद्र कुमार, ईओ हुडा विकास ढांढा, एक्सईएन बिजली निगम जेसी शर्मा आदि मौजूद रहे।