अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना (सोनीपत)।
मध्य प्रदेश में आंदोलनरत किसानों पर की गई पुलिस फायरिंग में आधा दर्जन किसानों की मौत के विरोध में प्रदेश में किसान संगठन सड़कों पर उतरने लगे हैं। किसान संगठनों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर धरना देकर रोष जताया। सोनीपत जिले के किसानों ने पुलिस बंदोबस्त के कारण रोहतक जिला की सीमा में धरना देकर रोड जाम किया। किसानों के धरने के दौरान जिले में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन द्वारा पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत रोहतक-पानीपत राष्ट्रीय राजमार्ग जाम को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा कड़े इंतजाम किए गए थे। इस कारण यूनियन गांव रूखी में जाम नहीं लगा पाई। किसानों ने रोहतक जिले की सीमा के पहले गांव घिलौड़ में जाकर 12 बजे से लेकर तीन बजे तक जाम लगाया। पुलिस प्रशासन ने जाम खुलवाने की कोशिश करने के बजाए रूखी गांव में ही पुलिस बल तैनात रखा। 12 बजे ही बाईपास पर वाहनों को खरखौदा और महम मार्ग के पर डाइवर्ट कर दिया था, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी हुई।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम को देखते हुए गोहाना के डीएसपी राजीव देशवाल, सिटी थाना एसएचओ कुलदीप देशवाल, सदर थाना एसएचओ फूलकवार और सीआईए स्टाफ के अलावा पुलिस बल, दंगा नियंत्रण वाहन और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों समेत रूखी गांव में डेरा डाले रहे। जाम लगाने वालों में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष आजाद लठवाल, मन्नू आंवली, सुरेंद्र लठवाल, भाकियू के जिलाध्यक्ष रोहताश बैनीवाल, कर्म सिंह, सुलोचना, बीरमति आदि शामिल रहीं।
पुलिस बल रहा तैनात
जाम की सूचना के चलते जिले भर में पुलिस बल को तैनात किया गया। खासकर हाईवे पर तो पुलिस का कड़ा पहरा रहा। हाईवे पर जगह-जगह नाके लगाकर पुलिस को तैनात कर दिया गया था। साथ ही सोनीपत व गोहाना शहर में भारी पुलिस बल के तैनात किया गया था।
किसानों ने रूखी में धरना देकर घिलौड़ में लगाया जाम
ज्यादा पुलिस बल के चलते बदला धरना स्थल
चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा पुलिस बल