अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
उत्तर भारत की सबसे पुरानी हिंदू शिक्षण संस्था के प्रबंध समिति चुनाव का एक बार फिर बिगुल बज चुका है। चुनाव कराने के लिए एडीसी आमना तस्नीम को आरओ नियुक्त कर दिया गया है। संस्था के यह चुनाव 30 जुलाई को होने थे, लेकिन 68 सदस्यों की सदस्यता को लेकर चुनाव से दो दिन पहले ही हाईकोर्ट का आदेश आने पर इनको स्थगित करना पड़ा। उस समय होने वाले चुनाव व इस समय में सबसे बड़ा अंतर यह होगा कि तब 824 सदस्यों को वोटिंग करनी थी, लेकिन अब 656 सदस्य ही मैनेजमेंट कमेटी को चुनेंगे। क्योंकि डिस्ट्रिक रजिस्ट्रार ने उन 168 सदस्यों की सदस्यता को खत्म कर दिया है, जिनको लेकर विवाद चल रहा था। अब डिस्ट्रिक रजिस्ट्रार की मुहर लगते ही चुनावी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि एक महीने के अंदर चुनाव हो जाएंगे।
सोनीपत की हिंदू शिक्षण संस्था 103 साल पुरानी है जो उत्तर भारत की सबसे पुरानी शिक्षण संस्था है। इसके 17 शिक्षण संस्थान चलते हैं। इस कारण ही शिक्षण संस्था में चौधर को लेकर कड़ी जंग होती है। इस बार भी प्रधान से लेकर कोषाध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने के लिए जोर आजमाइश शुरू हो गई थी और संस्था की प्रधानी के लिए पवन कुमार गुप्ता व अण अग्रवाल पैनल के बीच सीधी टक्कर चल रही थी। जहां प्रधान अरुण अग्रवाल इस बार भी कुर्सी पर काबिज होने के लिए चुनाव में उतरे थे, वहीं उनको टक्कर देने के लिए वर्तमान में सचिव पवन कुमार गुप्ता भी प्रधानी के लिए खड़े थे। वहीं अरुण अग्रवाल के खिलाफ वर्तमान में कोषाध्यक्ष जयकंवार जैन व उपाध्यक्ष रेखा गर्ग के पति अशोक गर्ग भी खड़े हुए थे।
यह चुनाव 30 जुलाई को होना था, जिसके लिए सभी प्रत्याशी अपने पक्ष में ज्यादा से ज्यादा सदस्य करने में जुटे थे। इस तरह वर्तमान प्रधान अरुण अग्रवाल को अपनी ही मैनेजमेंट के अधिकतर पदाधिकारियों से टक्कर मिल रही थी। लेकिन 30 जुलाई को होने वाले चुनाव से ठीक दो दिन पहले ही हाईकोर्ट के आदेश ने सभी के अरमानों पर पानी फेर दिया था। संस्था के जिन 168 सदस्यों का केस हाईकोर्ट में चल रहा था, उसमें हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि जिन 168 को संस्था का सदस्य बनाया गया था, वह संस्था के सदस्य रहेंगे या नहीं। इसपर डिस्ट्रिक रजिस्ट्रार को फैसला लेना होगा और उस मामले को 2 महीने के अंदर ही निपटाना होगा, जिससे जल्द से जल्द चुनाव कराए जा सके।
इस कारण ही अभी तक चुनाव नहीं हो सके थे, लेकिन इसकी प्रक्रिया फिर शुरू हो गई है। हिंदू शिक्षण संस्था के एक पदाधिकारी ने बताया कि डिस्ट्रिक रजिस्ट्रार ने चुनाव कराने के लिए स्टेट रजिस्ट्रार के पास पत्र भेजा था, जिसमें आरओ नियुक्त करने के लिए कहा गया था। जिसपर वहां से एडीसी को आरओ नियुक्त करने के आदेश जारी कर दिए गए है और अब डिस्ट्रिक रजिस्ट्रार को चुनाव की तारीख तय करनी है।
अब 824 की जगह 656 सदस्य डालेंगे वोट
पहले चुनाव होते तो उस समय 824 सदस्य ही वोट डालते। लेकिन हाईकोर्ट ने जिन 168 सदस्यों की सदस्यता को लेकर मामला डिस्ट्रिक रजिस्ट्रार के पास सुनवाई के लिए भेजा था। उसमें डिस्ट्रिक रजिस्ट्रार ने डेढ़ महीने पहले अपना फैसला सुनाते हुए उन सभी सदस्यों की सदस्यता को रद कर दिया था। यह सभी ऐसे सदस्य थे, जिनके परिवार के लोगों को हिंदू संस्था को आगे बढ़ाने में योगदान रहा है। लेकिन अब इनकी सदस्यता रद होने से वह वोट नहीं डाल सकेंगे और इससे चुनाव पर बड़ा असर पड़ेगा।
चुनाव दिसंबर में होंगे, मैं पूरी तरह से तैयार: पवन गुप्ता
अपनी ही मैनेजमेंट के प्रधान अरूण अग्रवाल को टक्कर देने के लिए प्रधान पद की दावेदारी ठोंकने वाले पवन गुप्ता ने कहा कि चुनाव दिसंबर के पहले सप्ताह में होने की पूरी उम्मीद है। क्योंकि आरओ की नियुक्ति हो चुकी है और अब डिस्ट्रिक रजिस्ट्रार को तारीख तय करनी है। उनके तारीख तय करते ही चुनावी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पवन गुप्ता कहते हैं कि वह पहले भी अपने प्रतिद्वंदियों को टक्कर देने के लिए चुनावी मैदान में उतरे थे और इस बार भी चुनाव के लिए तैयार हैं। वहीं उनके पैनल में जितने भी पदाधिािरी पहले थे, उतने ही पदाधिकारी इस समय भी चुनावी मैदान में उतरेंगे।
चुनाव जल्द होंगे, मैं प्रधानी के लिए लडूंगा: प्रधान
हिंदू शिक्षण संस्था के वर्तमान प्रधान अरुण अग्रवाल का कहना है कि संस्था के चुनाव जल्द होंगे, क्योंकि अब प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसकी केवल घोषणा बाकी है और वह जल्द हो जाएगी। लेकिन चुनाव की स्थिति को देखते हुए तैयारी शुरू कर दी गई है। अब यह नहीं कहा जा सकता है कि विपक्षी कौन रहेगा और पिछली बार के प्रत्याशी इस बार भी मैदान में आएंगे या नहीं। यह जरूर है कि मैं प्रधान पद का प्रत्याशी जरूर रहूंगा और मुझे पूरी उम्मीद है कि मेरे कार्यों को देखते हुए मुझे फिर से प्रधान बनाया जाएगा।