अब गन्ने की फसल का रिकार्ड देगा राजस्व और कृषि विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना। चीनी मिल में गन्ने के रकबे का सर्वे व बांडिंग प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए गन्ने के रकबे का सही रिकॉर्ड कृषि व राजस्व विभाग बनाकर मिल को सौंपेगा। इससे मिल को जानकारी हो सकेगी कि किस क्षेत्र में कितना गन्ना है और कितने गन्ने की पिराई की जा सकती है।
जानकारी के अनुसार शुगर फेडरेशन ने किसानों को बांडिंग के साथ किला नंबर देने के मामले में राहत देते हुए अब इसका रिकार्ड कृषि व राजस्व विभाग से लेने का फैसला लिया है। इसके लिए दो माह में पूरा रिकार्ड देने को कहा गया है। चीनी मिल के तहत आने वाले क्षेत्र में कितना गन्ना है तथा किस किला नंबर में गन्ने की फसल की गई है। इसके लिए जल्द ही दोनों विभागों द्वारा काम शुरू कर दिया जाएगा। शुगर फेडरेशन द्वारा किसानों से किला नंबर मांगने के मामले में किसान संगठनों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है। किसानों का तर्क है कि जिस खेत में गन्ने की फसल लगाई गई है उनमें 50 फीसदी किसान ऐसे हैं जो दूसरे की जमीन ठेके या पट्टे पर लेकर खेती कर रहे हैं।
मिल को समय पर चलाने को लेकर तैयारी शुरू
मिल प्रबंधन इस बार पेराई सत्र नवंबर माह में शुरू करने का प्रयास कर है। इसके लिए मिल की रिपेेयरिंग शुरू कर दी गई है। मंगलवार को चीनी मिल में रोलरों की पूजा कर काम शुरू कर दिया। मिल की एमडी सुभिता ढाका ने रोलर की पूजा की। किसानों की कई बार शिकायतें आती रही हैं कि मिल के कर्मचारी किसी का गन्ना कम होने के बाद अधिक लिख देते हैं या किसी किसान की फसल को कम दर्शाते हैं। ऐसे में अब बांडिंग में गलत सूचना देने या किसी प्रकार की गड़बड़ी होने की संभावनाएं पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।
सुभिता ढाका, एमडी, शुगर मिल