जम्मू-कश्मीर और नक्सल प्रभावित इलाके में तैनात जवानों को तनावमुक्त रखना जरूरी: डीजी
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। सीआरपीएफ के महानिदेशक राजीव राय भटनागर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर समेत नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात होकर सीआरपीएफ के जवान अपनी ड्यूटी बखूबी निभा रहे हैं। ऐसे में उनको तनावमुक्त रखना जरूरी है, क्योंकि वह तनाव में रहेंगे तो अपनी ड्यूटी सही से नहीं कर सकेंगे। इसके लिए ही सीआरपीएफ मुख्यालय से लेकर मंत्रालय तक यह ध्यान रखा जाता है कि जवानों के परिवार वालों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो और उनको हर सुविधा बेहतर तरीके से मिलती रहे। सीआरपीएफ के जवानों को उनकी पूरी छुट्टी देने का प्रयास रहता है और जिस तरह से अभी तक जवानों को कोई समस्या नहीं आने दी गई है, ऐसे ही आगे भी प्रयास किया जाता रहेगा।
सीआरपीएफ के डीजी राजीव राय भटनागर मंगलवार को सीआरपीएफ ग्रुप केंद्र खेवड़ा में नवनिर्मित क्वार्टरों का उद्घाटन करने के लिए पहुंचे थे। जहां डायरेक्टर जनरल ने नवनिर्मित क्वार्टर की जवानों व उनके परिवार वालों को चाबी सौंपी। उसके बाद वहां सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। डीजी ने सैनिक सम्मेलन के माध्यम से जवानों को संबोधित किया और उनके कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में अवगत कराया। डीजी ने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की अधिकतर तैनाती जम्मू-कश्मीर के अलावा पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा जैसे नक्सल प्रभावित राज्यों में होती है, जहां उनको काफी प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। जवान अपनी ड्यूटी को परिवार के साथ रहकर तनाव से मुक्त होकर सही प्रकार से कर सकें, इसके लिए ही प्रयास है कि उनके परिवारजनों को अच्छी से अच्छी आवासीय व चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। जिससे उनके बच्चे सुरक्षित, स्वच्छ व शिक्षा के लिए अनुकूल माहौल में परवरिश प्राप्त कर सकें। इसके तहत ही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के समूह केन्द्रों में ज्यादा से ज्यादा आवासीय सुविधा के साथ ही बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में तेजी लाई गई है। कहा कि ग्रुप केंद्र सोनीपत ऐसी जगह पर स्थित है जो राष्ट्रीय राजधानी के क्षेत्र में आता है। इसके साथ ही यह नेशनल हाईवे पर स्थित है और यहां उच्च श्रेणी के शिक्षण संस्थान हैं। इस कारण यहां पर पारिवारिक आवासों की मांग काफी लंबे समय से दिख रही थी और उसको अब पूरा कर दिया गया है। डीआईजी ओंकार सिंह चाड़क ने कहा कि इस केन्द्र की नींव 2010 में रखी गई थी, जिसमें आज सभी आवश्यक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो चुकी हैं। यह केंद्र छत्तीसगढ़, उड़ीसा व जम्मू-कश्मीर में तैनात जवानों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके परिवारों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा रहा है। डीजी ने वहां राजभाषा पत्रिका लोकदर्षिका का विमोचन भी किया। इस दौरान जम्मू कश्मीर सेक्टर के आईजी वीएसके कौमुदी, पश्चिमोत्तर सेक्टर के आईजी सुधाकर उपाध्याय, डीआईजी ओंकार सिंह चाड़क, डीआईजी सुनील थोरपे आदि मौजूद रहे।
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देश का पहला सीआरपीएफ सेंटर, जहां दस मंजिल बिल्डिंग में क्वार्टर बने
खेवड़ा का सीआरपीएफ सेंटर ऐसा पहला सेंटर है, जहां जवानों के लिए क्वार्टरों की दस मंजिल इमारत बनाई गई है। वहां टाइप टू व टाइप थ्री के 358 क्वार्टर बनाए गए हैं, जिनमें 60 करोड़ रुपये की लागत आई है। इन क्वार्टरों को दो बिल्डिंगों में बनाया गया है, जिनमें क्वार्टरों तक जाने के लिए लिफ्ट भी लगाई गई है। इन बिल्डिंगों की खासियत बताई जा रही है, यह सुरक्षा की दृष्टि से काफी बेहतर है और भूकंप रोधी बनाया गया है। इनकी दस मंजिल बनाने का कारण बताया जा रहा है कि इससे कम जगह को इस्तेमाल किया गया है और भविष्य में वहां इतनी जगह है कि अन्य क्वार्टर भी बनाए जा सकते हैं।