किशोरी का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को 20-20 साल कैद
-अदालत ने दोनों पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना भी किया
-अप्रैल 2017 में सदर थाना क्षेत्र के गांव में हुआ था दुष्कर्म
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा.सुनीता ग्रोवर की अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोषियों ने पड़ोस की लड़की का अपहरण कर अपने घर ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया था। अदालत ने दोनों दोषियों को 20-20 साल कैद व 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देेने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
सदर थाना क्षेत्र के गांव की रहने वाली महिला ने 24 अप्रैल, 2017 पुलिस को बताया था कि 23 अप्रैल, 2017 की रात को परिवार के सदस्य एक कमरे में सो रहे थे। रात को उसके पति की आंख खुली तो उनकी 16 साल की बेटी कमरे में नहीं थी। जिस पर उसकी तलाश की थी। कुछ देर बाद उन्हें गांव के नीरज के पुराने घर से उसकी बेटी रोते हुए बाहर निकलती दिखाई दी। उसे घर ले जाकर पूछताछ की तो उसने बताया कि वह रात को लघुशंका के लिए उठी थी। तो गांव के नीरज व अनिल ने उसे जबरन उठा लिया था। वह उसका मुंह दबाकर नीरज के पुराने मकान में ले गए थे। जहां पर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। जब वह आरोपी नीरज के पुराने घर में पहुंचे तो वहां दोनों आरोपी मिले थे। उन्हें वह अपने घर ले आए थे। जहां पर भागने का प्रयास करने पर नीरज को चोट भी लग गई थी। इसी बीच शोर सुनकर आरोपियों के परिजन भी आ गए थे। वह उन्हें अपने साथ ले गए थे। लड़की की मां की शिकायत पर पुलिस ने किशोरी का मेडिकल कराया था। जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। बाद में लड़की के बयान उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का पता लगा था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, अपहरण व पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर लिया था। पुलिस ने आरोपी अनिल को 24 अप्रैल, 2017 को ही काबू कर लिया था। बाद में पुलिस टीम ने 9 मई, 2017 को दूसरे आरोपी नीरज को भी गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया था। जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
वीरवार को मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे डा.सुनीता ग्रोवर की अदालत ने आरोपियों को सामूहिक दुष्कर्म व अपहरण का दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों दोषियों को भादसं की धारा 376 डी में 20-20 साल कैद व 25-25 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 365 व 34 में पांच साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।