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बेटे की टोपी व मेडल सीने से लगाकर रो पड़ी शहीद पंकज की मां

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गोहाना (सोनीपत)। गांव कोहला में पंकज के पार्थिव शरीर को लेकर पहुंचे वायुसेना के अधिकारियों ने जब पंकज की टोपी व मेडल उनकी मां सुनीता कुमारी को दिए तो वह उन्हें सीने से लगाकर रोने लगी। जब परिजनों ने उनसे टोपी व मेडल लेने का प्रयास किया तो उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वह इन्हें अपने पास ही रखेगी।
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पंकज की मां सुनीता ने अपने इकलौते बेटे पंकज की शादी का सपना संजोया था। वह उसके छुट्टी पर आने के बाद उससे शादी की बात करना चाहती थी। वह अपने बेटे की हर पंसद और नापंसद से भलीभांति परिचित है। सुनीता ने बेटे के पार्थिव शरीर पर उसका मनपंसद कोट पेंट रखा और भावुक हो गई। जब तक शव को नहीं उठाया गया तब तक मां तिरंगे में लिपटे ताबूत पर हाथ रखकर सहलाती रही। उन्होंने इस दौरान कहा कि अगले जन्म में भी उसकी कोख से ही जन्म लेना। बेटे की शहादत पर पूरे गांव को नाज है। पिता धर्मबीर की आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे। उन्होंने बस इतना कहा कि बेटे ने उसका ही नहीं वरन गांव का नाम भी रोशन कर दिया।
बेटे का चेहरा भी नहीं देख सकी मां, पार्थिव शरीर उठाया तो किया नमन
शहीद पंकज की मां सुनीता अपने बेटे का आखिरी बार चेहरा तक नहीं देख सकी। जब पंकज का चित्र उन्हें दिया गया तो वह रोने लगी। जब पंकज का पार्थिव शरीर घर से अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था तो हर किसी की आंख नम थी। मां सुनीता कुमारी ने रोते हुए कहा कि बेटा बहुत याद आएगी और उसके बाद उसने अपने बेटे के पार्थिव शरीर को हाथ जोड़कर नमन किया और नम आंखों से उसे विदाई दी। इस दौरान हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।
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