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बसों के टेंडर में घपला मिला तो उसे रद्द कर देंगे: कृष्णलाल पंवार

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बसों के टेंडर में घपला मिला तो उसे रद्द कर देंगे: कृष्णलाल पंवार
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गोहाना। परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी केवल प्राइवेट बसों को बेड़े में शामिल करने के विरोध में हड़ताल किए हुए हैं और इसका कारण वह टेंडर में घपला होने का आरोप लगा रहे हैं। लेकिन अब साफ कर दिया गया है कि बसों के टेंडर में घपला मिलता है तो उसे तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद भी कर्मचारी हड़ताल खत्म नहीं कर रहे हैं। इस तरह लग रहा है कि कर्मचारी केवल सरकार पर दबाव बनाना चाहते हैं और अब सरकार पूरी सख्ती करते हुए काम नहीं करने वालों का वेतन रोकने के आदेश कर चुकी है। परिवहन मंत्री बुधवार को बरोदा में होने वाले भाजपा के सम्मेलन के स्थल का जायजा लेने पहुंचे थे।
परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने रेस्ट हाउस में बातचीत करते हुए कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल से रोडवेज को कोई घाटा नहीं हो रहा है और अब रोडवेज व निजी सभी बसें नियमित रूप से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि 4100 बसें रोडवेज के बेड़े में शामिल हैं, जिसमें से 3400 बसें ही रूट पर चलती हैं। जबकि हर साल दर्जनों बसें कंडम होती रहती हैं। यह जरूर है कि पिछले साल 600 से अधिक नई बसें बेड़े में शामिल की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि निजी बसों को हायर करने का मतलब रोडवेज को घाटे से उभारना है और इसको कर्मचारी नहीं समझ रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि बरोदा में 4 नवंबर को होने वाले सम्मलेन में केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह, प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के अलावा कई मंत्री पहुंचेंगे। इस दौरान मंत्री के साथ पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम के चेयरमैन रामचंद्र जांगड़ा, मार्केटिंग बोर्ड की चेयरपर्सन कृष्णा गहलावत, जिलाध्यक्ष धर्मबीर नांदल, इंद्रजीत विरमानी, बलजीत मलिक, विजेंद्र सैनी, बलराम कौशिक, सरपंच आजाद, सरपंच सुरेंद्र जागसी आदि मौजूद रहे।
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कर्मचारियों ने हंगामा किया तो मंत्री की सुरक्षा बढ़ाई
परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार के रेस्ट हाउस में आने की सूचना के बाद बस स्टैंड से कर्मचारी रेस्ट हाउस के बाहर पहुंच गए। जहां मंत्री ने पदाधिकारियों के साथ बैठक की तो उसी समय कर्मचारियों ने मंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसको देखते हुए ही अधिकारियों ने तुरंत मंत्री की सुरक्षा बढ़ाई और उनको भारी सुरक्षा के बीच रेस्ट हाउस से निकाला गया।
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