रेल कोच फैक्टरी के लिए लीज पर मिली जमीन का पैसा जमा नहीं कराने से शिलान्यास अटका
दलबीर राठी
गन्नौर। बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में रेलवे कोच फैक्टरी शिलान्यास करने का मामला अभी अधर में लटका दिखाई दे रहा है। एचएसआईआईडीसी ने लीज की रकम से लेकर समय तक सबकुछ तय कर दिया है। लेकिन प्रशासन ने फैक्टरी के लिए 1000 रुपये प्रति एकड़ सालाना 161.48 एकड़ जमीन को 99 साल की लीज पर ली गई जमीन का भुगतान नहीं किया है। लीज का पैसा रेलवे को जमा कराना है, इसके बाद जमीन पर कब्जा दे दिया जाएगा। वहीं, सांसद रमेश कौशिक के कोच फैक्टरी का काम एक महीने में शुरू होने वाला दावा फेल हो गया है।
एचएसआईआईडीसी के कार्यकारी अभियंता विरेन्द्र कादियान ने बताया कि विभाग के उच्चाधिकारियों की ओर से सबकुछ फाइनल हो चुका है। रेलवे जिस दिन लीज का पैसा जमा करवा देगा, उसके बाद जमीन का कब्जा रेलवे को सौंप देंगे। उन्होंने बताया कि रेलवे को जमीन हस्तांतरित होने के बाद पांच साल में निर्माण कार्य शुरू करना होगा। इस प्रोजेक्ट में सभी भवन हरियाणा बिल्डिंग कोड के अनुरूप तैयार करने होंगे। उन्होंने बताया कि रेल कोच फैक्टरी क्षेत्र में सड़क, पेयजलापूर्ति, गंदे पानी की निकासी, संपर्क मार्ग, बिजली आदि व्यवस्थाओं के रखरखाव के लिए रेलवे को एचएसआईआईडीसी को सालाना भुगतान करना होगा। उल्लेखनीय है कि सांसद रमेश कौशिक इस रेल कोच फैक्टरी को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानते है और वह हर जगह पिछले एक साल से जल्द निर्माण शुरू कराने का दावा करते है। सांसद ने एक महीने पहले दावा किया था कि फैक्टरी का निर्माण एक महीने के अंदर शुरू करा दिया जाएगा। लेकिन निर्माण अभी तक शुरू नहीं हुआ है और अभी जल्द ही निर्माण शुरू होता भी नहीं दिख रहा है।
गन्नौर और प्रदेश को मिलेगा फायदा
600 करोड़ की लागत से रेल कोच फैक्टरी को बनाया जाना है, जिसमें हर साल 500-700 कोच का नवीनीकरण किया जाएगा। इससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और इसके सहारे कई अन्य इकाईयां स्थापित हो सकती है।