ललिता ज्योति अनाथालय से बालग्राम भेजी 31 लड़कियां, परिजनों से मिलवाएगा प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
गन्नौर। बिहार व यूपी की घटनाओं के बाद अनाथालयों को लेकर अधिकारी किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहते हैं। इस कारण ही गन्नौर के ललिता ज्योति अनाथालय से 31 लड़कियों को बालग्राम राई में शिफ्ट कर दिया गया है। इन लड़कियों को बुधवार को बालग्राम राई में पहले से रह रही लड़कियों के विरोध के कारण शिफ्ट नहीं किया जा सका था। अब इन सभी लड़कियों के परिजनों का पता लगाया जा रहा है, जिससे उनके पास ही भेजा जा सके। अनाथालय में नियमों का पालन नहीं किए जाने के साथ ही संचालक की बेटी व बेटे भी वहां रहने के कारण यह फैसला लिया गया है। अब अनाथालय में आगे किसी भी लड़की को नहीं रखा जा सकेगा, जिसे बंद करा दिया गया है।
राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य सुनीता देवी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी स्वीटी सैनी, संरक्षण अधिकारी आरती, समाज सेविका उपासना बुधवार को अनाथालय में पहुंची थी। जहां निरीक्षण के दौरान काफी खामियां मिली थी। जिसमें अनाथालय का रिकार्ड सही नहीं मिला था तो वहां संचालक की बेटी व बेटा भी रह रहे थे। वहां स्टाफ की पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं कराई गई थी। इसके अलावा वहां अधिकतर लड़कियां अन्य जिलों व राज्यों से लाकर रखी गई थी, जबकि नियम के अनुसार उनको अपने जिले व राज्य में रखना होता है। इस कारण ही वहां से सभी 31 लड़कियों को बालग्राम राई शिफ्ट किया जाने लगा था। जिसका पता चलने पर बुधवार शाम को बालग्राम राई में पहले से रह रही लड़कियों ने विरोध करते हुए हंगामा कर दिया था। जिसको देखते हुए प्रशासन ने अनाथालय से लड़कियों को बाद में शिफ्ट करने की बात कहते हुए बुधवार रात उनको वहां रोक दिया था। इसके तहत ही वीरवार को बाल संरक्षण विभाग की टीम वहां पहुंची और लड़कियों को शिफ्ट कराने लगी तो इसको लेकर संचालकों व अधिकारियों के बीच गहमागहमी हुई। लेकिन अधिकारियों के समझाने के बाद वह शांत हो गए और वहां से लड़कियों को बालग्राम राई में शिफ्ट कर दिया गया। अब प्रशासनिक अधिकारी उनके परिजनों का पता लगाने में जुट गए हैं।
रोती हुई गई लड़कियां
महिला आयोग की सदस्य के सामने अनाथालय में आजादी नहीं होने की बात कहने वाली लड़कियों को जब शिफ्ट किया जाने लगा तो वह रोने लगी। लड़कियों ने वहां से नहीं जाने की बात कही और कहा कि वह उसी जगह रहना चाहती है। जिसपर जिला बाल संरक्षण अधिकारी स्वीटी सैनी ने उनको बताया कि वहां नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसलिए उनको वहां नहीं रहने दिया जा सकता है और उनको बालग्राम राई के अंदर भी बेहतर सुविधाएं मिलेगी।
चेयरमैन बोले बेटियों की तरह रहती हैं लड़कियां
ललिता ज्योति अनाथालय के चेयरमैन डा. शशि भूषण मिश्रा ने कहा कि उन्होंने बच्चियों की सेवा के लिए बाल अनाथालय शुरू किया था। उनका सारा परिवार इस सेवा में लगा हुआ है। उनके यहां सब बच्चियों को बेटी माना जाता है। लोगों से मदद लेकर अनाथालय चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आश्रम को वर्ष 2000 में शुरू किया था और सरकार द्वारा अब तक केवल 25 लाख रुपये की ग्रांट मिली थी। उन्होंने पूरी ग्रांट अनाथालय पर खर्च कर दी। इसके अलावा यहां दान का काफी रुपया वहां खर्च किया जाता है। उन्होंने नियम पूरा करके अनाथालय को चलाने की बात कही।
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अनाथालय में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। इस कारण ही वहां से लड़कियों को बालग्राम राई में शिफ्ट कर दिया गया है। उन सभी लड़कियों के परिजनों का पता कराया जा रहा है, जिनमें से कई के परिजनों की जानकारी मिल गई है। उन लड़कियों को परिजनों के पास भेजा जाएगा और जिनके परिजन नहीं है, उनकी व्यवस्था प्रशासन करेगा।
-विनय सिंह, डीसी