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करोड़ों की ब्लैक मनी को व्हाइट करने में शहर के कई ज्वैलर्स के चेहरे होंगे बेनकाब

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करोड़ों की ब्लैक मनी को व्हाइट करने वाले ज्वैलर्स होंगे बेनकाब
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
गन्नौर के युवक को प्रधानमंत्री रोजगार योजना के नाम पर लोन दिलाने के बहाने उसके कागजात लेकर ठगी करने के मामले की जांच में करोड़ों के खेल से पर्दा उठ सकता है। इसमें करोड़ों की ब्लैक मनी को व्हाइट किए जाने का खेल पुलिस मान रही है। वहीं इस पूरे मामले में शहर के कई ज्वैलर्स की संलिप्तता होने की बात कही जा रही है और उनके चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं। यह पूरा खेल नोटबंदी के दौरान किया गया और जिन फर्जी फर्म से ब्लैक मनी को व्हाइट किया गया है, उनके सबूत पुलिस जुटाने में लगी हुई है। दिल्ली में बनाई गई फर्जी फर्मों के नाम पर कितने करोड़ का खेल हुआ, इसका पता लगाने के लिए ही सोनीपत पुलिस ने फाइल को सेल्स टैक्स विभाग दिल्ली को सौंपा है। इसके साथ ही मामले में फर्जीवाड़ा करने वाले ज्वैलर्स की भी पूरी कुंडली खंगाली जा रही है। पुलिस रिमांड पर लिए गए आरोपी के सहारे भी अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं।

सौरभ ने दी थी पुलिस को शिकायत
गन्नौर निवासी सौरभ कुमार ने 13 नवंबर को सिटी थाना में शिकायत दी थी कि सोनीपत निवासी नरेंद्र जैन, बिजेंद्र जैन व नवीन जैन से उसकी जान पहचान थी। उन्होंने उसे प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत लोन दिलाने का झांसा दिया था और लोन मिलने पर पांच प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। जिस पर उसने अपने पहचान पत्र व अन्य कागजात आरोपियों को दिए थे। इन्हीं कागजात के सहारे आरोपियों ने कई फर्जी फर्म खोलकर नोट बंदी में लोगों के काले धन को सफेद किया था। उस दौरान करोड़ों का खेल किया गया। इसकी एवज में आरोपियों ने अपना कमीशन लिया था। जब उसे लोन नहीं मिला तो वह आरोपियों के चक्कर काटने लगा था। इस दौरान आरोपियों ने उसके फोटो लगे पैन कार्ड पर उसके हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया। तब उसे पता लगा कि फोटो तो उसका है, लेकिन नाम किसी अन्य का है। उसे शक हो गया और उसने जांच कराई। जिसमें पता लगा था कि उसके पैन कार्ड पर वैट की फर्म खोल रखी है। जिसे अक्टूबर 2016 में चालू किया गया। यह खाता किसी अन्य के नाम पर चलाकर इससे फर्जी बिलिंग व टैक्स चोरी किए जाने का खुलासा हुआ था। अभी तक 11 फर्मों के नाम सामने आ चुके हैं। यह भी सामने आया कि आरोपियों ने सोनीपत में ज्वैलर्स की दुकान भी खोली थी। यहां ज्वैलर्स की दुकान खोलकर शहर के अन्य कई ज्वैलर्स की ब्लैक मनी भी फर्जी फर्म के सहारे व्हाइट करने की बात पुलिस की जांच में सामने आई है। इस तरह पुलिस जल्द ही अन्य ज्वैलर्स के भी चेहरे बेनकाब कर सकती है।
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सेल्स टैक्स विभाग को सौंपी फाइल
सोनीपत की आर्थिक अपराध शाखा ने मामले का खुलासा करने के बाद इसकी फाइल अब सेल्स टैक्स विभाग दिल्ली को सौंपी है। जिससे पता लगाया जाएगा कि इसमें नकली फर्म बनाकर किस तरह धोखाधड़ी की गई। जिसके बाद ही सभी की संलिप्तता को जांचा जाएगा।

फर्जी फर्म बनाने की हो जांच
मामले में आरोप लगाए गए हैं कि फर्जी फर्म बनाने की भी जांच होनी चाहिए। शिकायत कर्ता ने पुलिस के सामने कहा है कि फर्जी फर्म बनाए जाने के दौरान टैक्स अधिकारी को इसकी जानकारी कैसे नहीं हुई, उसकी भी जांच होनी चाहिए। उसके पैन कार्ड पर लगे फोटो की भी सत्यता नहीं जानी गई। सेल्स टैक्स विभाग इस प्रकरण की जांच करें तो पूरा खुलासा हो सकता है। इसमें टैक्स चोरी का भी बड़ा गोलमाल सामने आ सकता है।

फरार आरोपियों को काबू करने की मांग
पीड़ित सौरभ ने पुलिस से फरार चल रहे आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। सौरभ का कहना है कि मामले में पहले ही नामजद किए गए आरोपी नवीन व बिजेंद्र पुलिस की पकड़ से बाहर है। इस कारण सौरभ ने अपने साथ कोई अनहोनी होने की आशंका भी जताई है।
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धोखाधड़ी के मामले में जांच के दौरान कई तथ्य हाथ लगे है। अब मामले में सेल्स टैक्स विभाग दिल्ली से मदद लेने के लिए उनको भी फाइल दी गई है। इस मामले का पूरा खुलासा करने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है।
- एसआई सत्यनारायण, आर्थिक अपराध शाखा, सोनीपत।
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