अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट में बिजली चोरी पकड़े जाने के बाद नगर निगम पूरी तरह से बैकफुट पर आ गया है। जहां एक दिन पहले तक नगर निगम के अधिकारी कोई जानकारी नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे थे, वहीं बिजली निगम से बिजली चोरी मामले में 24.5 लाख रुपये के जुर्माने का नोटिस मिलते ही उससे बचाव का तरीका ढूंढने लगे। एक्सईएन की ओर से बिजली निगम के एसई को एक पत्र लिखा गया है, जिसमें कहा गया है कि ट्रीटमेंट प्लांट की मशीनों के ट्रायल के लिए केबल लगाया गया था और इस कारण 24.5 लाख रुपये का जुर्माना माफ किया जाए। वहीं, बिजली निगम अधिकारियों ने नगर निगम के खिलाफ बिजली चोरी की ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करा दी है। इसके साथ ही किसी भी हालत में जुर्माना माफ नहीं होने की बात कही गई है, क्योंकि वहां मौके पर बिजली चोरी पकड़ी गई है।
महलाना रोड सेक्टर-23 के चौराहे पर नगर निगम ने सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट लगाया हुआ है, जहां कचरे से खाद बनाया जाता है। यह ट्रीटमेंट प्लांट छह महीने पहले लगाया गया था। उस ट्रीटमेंट प्लांट को चलाने के लिए निगम के अधिकारियों ने बिजली का कनेक्शन तक नहीं लिया और उसे चोरी की बिजली से चला दिया गया। बिजली निगम की टीम ने शनिवार को छापेमारी करके ट्रीटमेंट प्लांट में बिजली चोरी को पकड़ लिया। अधिकारियों ने वहां का केबल कटवा लिया और उसकी पूरी जांच करने के बाद नगर निगम पर 24.50 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया था। यह कार्रवाई होने के बाद भी सोमवार तक बिजली निगम के अधिकारी इसकी जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए मामले को दबाने में लगे हुए थे। मंगलवार को मामला उजागर होने पर नगर निगम अधिकारी पूरी तरह से बैकफुट पर आ गए। उसके बाद जर्माने से बचने के तरीके ढूंढने लगे। वहीं, एसडीओ इंडस्ट्रियल एरिया सीमा नारा की ओर से नगर निगम पर ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करा दी गई है। उसमें नगर निगम के ईओ को पार्टी बनाया गया है।
एसई को पत्र लिखकर 24.5 लाख जुर्माना माफी की गुहार
नगर निगम के एक्सईएन राधेश्याम शर्मा की ओर से मंगलवार को बिजली निगम के एसई के नाम एक पत्र लिखा गया। उसमें लिखा गया है कि सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट में मशीनों का ट्रायल करने के लिए केबल डाला गया था। उनका ट्रायल करने के बाद मशीनें नहीं चलाई गई हैं और वहां मीटर लगवाने के लिए नगर निगम की ओर से आवेदन किया गया है। इस कारण नगर निगम पर लगाया गया बिजली चोरी का 24.50 लाख रुपया माफ किया जाए।
क्या ट्रायल में बन गया 40 कट्टे खाद
इंडस्ट्रियल एरिया सब डिवीजन की एसडीओ सीमा नारा ने नगर निगम अधिकारियों के उस तर्क पर सवाल उठाया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि प्लांट को केवल ट्रायल के लिए चलाया गया था। सीमा नारा ने कहा कि जिस समय वहां छापा मारा गया, उस समय वहां खाद के लगभग 40 कट्टे पड़े थे। वहां कचरे से खाद बनाया जाता है और 40 कट्टे खाद केवल ट्रायल से नहीं बनते हैं। वहां पूरी तरह से साफ है कि बिजली चोरी की जा रही थी। इस कारण नगर निगम को नोटिस भेजने के साथ ही ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करा दी गई है।
किसी भी हालत में नहीं होगा जुर्माना माफ : एक्सईएन
एक्सईएन सिटी जेसी शर्मा ने कहा कि नगर निगम की ओर से जुर्माना माफी के लिए कोई भी पत्र मेरे पास नहीं आया है। वह पत्र सर्कल कार्यालय भेजा गया होगा, लेकिन इस तरह कोई भी पत्र लिखने से जुर्माना माफ नहीं होगा। वहां बिजली चोरी मिली है और नगर निगम को यह जुर्माना भरना ही होगा। जिस तरह से नगर निगम के अधिकारी तर्क दे रहे हैं, उस तरह कोई भी कह देगा कि उन्होंने केवल लाइन चेक करने के लिए केबल डाली है।
नगर निगम : ट्रायल के लिए लगाई केबल, माफ कर दो 24.5 लाख
बिजली निगम : दर्ज हो गई है एफआईआर, जुर्माना तो देना पड़ेगा
नगर निगम के एक्सईएन ने ट्रीटमेंट प्लांट का केवल ट्रायल करने के लिए केबल डालने की बात कही
बिजली निगम के एसई को पत्र लिखकर 24.5 लाख का जुर्माना माफ करने की गुहार लगाई गई
इंडस्ट्रीयल एरिया सब डिवीजन की एसडीओ ने कहा कि ट्रायल में 40 कट्टे खाद कैसे बन गया
एक्सईएन बोले कि जुर्माना नहीं होगा किसी भी हालत में माफ, अब एफआईआर भी झेलनी पड़ेगी