अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने का सरकार का दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है। यहां के उद्योगपतियों ने बेहतर सुविधाएं नहीं मिलने की बात कहते हुए पलायन की तैयार कर ली है। कुंडली औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों ने प्रदेश सरकार के सामने समस्याएं रखने के बाद भी कोई समाधान नहीं होने पर सीधे प्रधानमंत्री के नाम चिट्ठी लिखी है। इसमें प्रदेश के अंदर उद्यमियों को कोई सुविधा नहीं मिलने की बात कही गई है और इसके लिए सरकारी विभागों में आपसी तालमेल नहीं होने का आरोप भी लगाया गया है। उद्यमियों ने सबसे बड़ी समस्या बिजली की बताई है, जिसको दूर करने के लिए जनरेटर चलाने पड़ रहे हैं और इससे लाखों रुपये का डीजल खर्च हो रहा है। इस तरह उद्योग में बिजली सबसे बड़ी बाधा बनने के साथ ही नुकसान पहुंचा रही है। इन समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण ही उद्यमियों के सब्र का बांध टूट गया है और कुंडली औद्योगिक क्षेत्र से पलायन की तैयारी कर ली है।
औद्योगिक क्षेत्र कुंडली में लगभग 1200 फैक्ट्रियां हैं और वहां का दायरा लगातार बढ़ाकर प्लाट आवंटित किए जा रहे हैं। जिस से वहां उद्यमी नई फैक्ट्रियां लगा सकें और इससे प्रदेश में निवेश बढ़े। वहां लगातार प्लाट आवंटन किए जा रहे हैं, लेकिन फैक्ट्रियां चलाने के लिए सबसे जरूरी बिजली की मांग पूरी नहीं की जा रही है। फैक्ट्रियां बढ़ने से बिजली की खपत लगातार बढ़ती जा रही है और वहां के फीडर पर लोड बढ़ रहा है। यही कारण है कि बिजली ने उद्यमियों को परेशान करना शुरू कर दिया जो लोड ज्यादा होने के कारण दिन में कई घंटे के लिए ट्रिप कर जाती है। इससे फैक्ट्रियां बंद न रहे, उसके लिए उद्यमियों को जनरेटर का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिसमें हर महीने लाखों रुपये का डीजल खर्च हो रहा है। इसके अलावा भी वहां सड़क, सीवरेज आदि की मूलभूत समस्याएं हैं। इन सभी समस्याओं को देखते हुए ही कुंडली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन की ओर से एचएसआईआईडीसी व बिजली निगम के अधिकारियों तक मामला पहुंचाया और इन समस्याओं को दूर कराने की मांग की गई। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सरकार तक समस्या से अवगत कराया गया। वहां से भी कोई समाधान नहीं होने पर उद्यमियों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने सीधे पीएम व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के नाम चिट्ठी लिख दी। उसमें पूरी स्थिति से अवगत कराते हुए कहा गया है कि अगर यही हालात रहे तो उनको यहां से पलायन करना पड़ेगा।
यह है प्रमुख समस्याएं
औद्योगिक क्षेत्र में पर्याप्त सब-स्टेशनों का ना होना
गैर योजनाबद्ध तरीके से नए प्लॉटों का लगातार आवंटन
बिना आपूर्ति के नए बिजली कनेक्शन का जारी होना
विद्युत उपलब्धता की भविष्य योजनाओं का समय पर पालन नहीं होना
विभिन्न सरकारी विभागों में सामंजस्य की कमी होना
यह है उद्यमियों की मांग
उद्यमियों की मांग है कि विद्युत वितरण के आधारभूत ढांचे को सुनिश्चित किए बिना नए प्लॉट के आवंटन पर रोक लगाई जाए। सभी संबंधित विभागों को दिशा निर्देश जारी किए जाएं कि सब-स्टेशनों का निर्माण कार्य शीघ्रता से पूर्ण करें, जिससे उद्योगों का भविष्य सुरक्षित हो। सरकारी विभागों में सामंजस्य बनाया जाए, जिससे उद्यमियों की समस्याओं का समय पर निस्तारण हो।
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कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में सबसे बड़ी बिजली की समस्या है और यहां बिजली की आपूर्ति पूरी नहीं हो रही है। फैक्टरी चलाने के लिए जनरेटर का इस्तेमाल करना पड़ता है और उसमें उद्यमियों के लाखों रुपये खर्च हो रहे है तो प्रदूषण भी बढ़ता है। बिजली आपूर्ति को बेहतर किया जाना चाहिए।
-सुभाष गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुंडली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
सरकार प्रदेश में बिजली भरपूर मात्रा में होने की बात कहती है तो कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठीक क्यों नहीं की जा रही है। जबकि बिजली निगम को सबसे ज्यादा रुपया उद्योगपति देते है। उसके बाद भी समस्या बनी हुई है।
-रवि गुप्ता, उद्यमी
उद्योगपति सरकार को सबसे ज्यादा टेक्स देते है, लेकिन उसके बावजूद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है। सरकारी विभागों के अधिकारी बात नहीं सुनते हैं, जिससे समस्याओं का निस्तारण नहीं होता है।
-हरीश नरसारिया, उद्यमी
कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में अन्य समस्याओं के साथ ही बिजली आपूर्ति की समस्या सबसे अहम है। यह समस्या दूर हो जाती है तो उद्यमियों को काफी राहत मिल सकती है। इसके लिए ही पीएम व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखा गया है।
-रिंकू बिष्ट, उद्यमी
कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की समस्या का मामला फैक्टरी मालिक लेकर आए थे। उस समस्या को दूर करने के लिए प्लान बनाया जा रहा है और इस पर काम शुरू कर दिया है। वहां की समस्या को जल्द ही दूर कर दिया जाएगा। इसके लिए फीडर की पावर को बढ़ाने की तैयारी है।
-जेसी शर्मा, एक्सईएन सिटी
उद्योगपतियों की पीएम के नाम चिट्ठी, नहीं मिलती कोई सुविधा, हरियाणा से पलायन को तैयार
एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों पर लगाया आरोप, उद्यमियों की समस्याओं का नहीं करते समाधान
कुंडली औद्योगिक क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर दिए जा रहे प्लाट, बिजली की समस्या का समाधान नहीं हो रहा
हर रोज बिजली के कई घंटों के कट से परेशान, जनरेटर के डीजल पर खर्च हो जाता है लाखों रुपया
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के नाम भी चिट्ठी, बिजली समस्या का समाधान होगा तो चलाएंगे उद्योग