अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
हत्या के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार की अदालत ने दोषी पिता-पुत्र को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों को एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
गांव शामड़ी निवासी भलेराम ने चार सितंबर, 2014 को थाना सदर में शिकायत दी थी कि उसके बेटे माया राम उर्फ पप्पू (30) ने खेत में ही मकान बना रखा है। माया राम उसके साथ खेत में रहता था, जबकि उसके तीन बेटे राजेंद्र, दिलबाग व रोहतास गांव में रहते हैं। उसने बताया था कि 3 सितंबर, 2014 की रात करीब 11 बजे माया राम नहरी पानी से खेत की सिंचाई के लिए मकान से छह एकड़ दूर खेत में गया था। वहां पर माया राम का गांव के ही दूसरे किसानों के साथ खेत में नहरी पानी से सिंचाई को लेकर झगड़ा हो गया था। इसके बाद माया रात पर लाठी से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया। चार सितंबर, 2014 को सुबह परिवार के लोगों को घटना का पता लगा था। पुलिस ने मामले में भलेराम ने बयान पर गांव के ही रोहतास, जगबीर, कर्मबीर व उसके बेटे, धर्मबीर व उसके बेटे और दिलबाग व उसके बेटे मनोज के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। भलेराम ने आरोप लगाया था कि उनका पांच साल पहले दिलबाग के परिवार से झगड़ा हुआ था, जिसके बाद से वह रंजिश रखे हुए थे। घटना की रात को सिंचाई के नाम पर झगड़ा कर उसके बेटे की हत्या की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को काबू कर लिया था।
मामले की सुनवाई के बाद सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार की अदालत ने दिलबाग व उसके बेटे मनोज को दोषी करार दिया है। अन्य को बरी कर दिया गया। मामले में दिलबाग व मनोज को एक-एक लाख रुपये जुर्माना किया गया है।
हत्या के दोषी पिता-पुत्र को उम्रकैद
अदालत ने एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी किया
पुरानी रंजिश को लेकर हुए झगड़े में की थी हत्या