सोनीपत। डीसी ऑफिस, पुलिस लाइन, एसडीएम कोर्ट समेत आठ सरकारी कार्यालय बिजली निगम के डिफाल्टर बने हुए है। बिजली निगम का इनपर करीब 3.12 करोड़ का बिल बकाया है। बिजली निगम ने डिफाल्टर सरकारी कार्यालयों से बकाया बिजली बिल भरने के लिए नोटिस जारी कर कनेक्शन काटने का अल्टीमेटम दिया। अधिकारी का कहना है निगम के डिफाल्टर सरकारी कार्यालयों की ओर से कोई बकाया राशि जमा नहीं की जाती है तो अगले सप्ताह से बिजली कनेक्शन काटने शुरू कर दिए जाएंगे।
इन डिफाल्टर कार्यालयों में पुलिस विभाग पर सबसे ज्यादा 2.50 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। इसमें आधे से ज्यादा बिल पुलिस लाइन में रहने वाले पुलिसकर्मियों के सरकारी क्वार्टरों का है। पुलिस लाइन में रहने वाले कर्मचारी मुफ्त की बिजली फूंक रहे हैं। विभाग के अधिकारियों की मानें तो नियमित बिल भेजे जाने के बाद भी पुलिस विभाग बिल नहीं भर रहा। डीसी कार्यालय का बिजली बिल 50.85 लाख रुपये तो पब्लिक हेल्थ एसडीओ कार्यालय का बिजली बिल 3.06 लाख बकाया है। एक अन्य कार्यालय का बिल 2 लाख 14 हजार 71 रुपये बकाया है। बकाया राशि को नोटिस देने के बावजूद नहीं भरा जा रहा है।
एसडीएम कोर्ट का कनेक्शन कटने के बावजूद बिजली बिल
पुरानी एसडीएम कोर्ट का बिजली कनेक्शन कई साल पहले ही कट चुका है। जिसका 1.92 लाख रुपये बकाया बिल है। बिजली निगम की ओर से कई बार नोटिस देने के बाद भी अभी तक नहीं भरा गया।
इन विभागों पर है बकाया बिल
-पुलिस लाइन 2 करोड़ 50 लाख 56 हजार 212 रुपये
-डीसी ऑफिस 50 लाख 85 हजार 917 रुपये
-रेडक्रॉस सोसायटी 82 हजार 590 रुपये
-एसडीओ पब्लिक हेल्थ 3 लाख 6 हजार 88 रुपये
-एसडीओ इलेक्ट्रिकल 2 लाख 77 हजार 908 रुपये
-मार्केटिंग बोर्ड 55 हजार 960 रुपये
-एसडीएम कोर्ट 1 लाख 95 हजार 718 रुपये
वर्जन
बिजली निगम के आठ सरकारी कार्यालय डिफाल्टर बने हुए है, जिन पर 3.12 करोड़ के बकाया बिल पर नोटिस जारी कर दिया गया है। अगले सप्ताह से बिजली कनेक्शन काटने शुरू कर दिए जाएंगे।
सीमा नारा, एसडीओ औद्योगिक क्षेत्र बिजली निगम