सोनीपत। भाजपा एक बार फिर से 2014 के विधानसभा चुनाव का इतिहास दोहराने के लिए पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गई है। इसके लिए हर उस कमी को दूर किया जा रहा है, जिससे पार्टी को नुकसान हो सकता है। इसमें भी सबसे ज्यादा इसपर ध्यान दिया जा रहा है कि अब पार्टी का कोई भी पदाधिकारी सरकार के खिलाफ नहीं बोल सके। क्योंकि अपनों के सरकार की खिलाफत करने से कई बार भाजपा को फजीहत झेलनी पड़ी है और यही कारण है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। अब कोई भी सरकार के खिलाफ बोलता है तो उसको पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। सरकार की खिलाफत करने वाले ही नहीं, बल्कि निष्क्रिय कार्यकर्ताओं पर भी गाज गिर सकती है।
ऐसा कई बार हो चुका है कि अपनी पार्टी के पदाधिकारी या विधायकों के खिलाफ बोलने के कारण सरकार की फजीहत हुई हो। यहां तक हो चुका है कि सरकार की खिलाफत में विधायकों के दो गुट बन चुके थे और सरकार पर काम नहीं करने तक के आरोप लगाए गए थे। इस तरह भाजपा के पदाधिकारियों व विधायकों के खुलेआम अपनी ही सरकार पर आरोप लगाए जाने पर विपक्षी पार्टियों ने इसे मुद्दा भी बनाया। विधायकों को किसी तरह समझाकर शांत कर लिया गया, लेकिन पिछले दिनों ही पानीपत में दो पदाधिकारियों ने अपनी पार्टी के खिलाफ बोलना शुरू किया तो उनको बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
भाजपा अब इसे अंदरूनी मामला कह रही है, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदेश कार्यकारिणी मीटिंग में साफ कर दिया है कि पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पार्टी में कोई भी अनुशासनहीनता करता है तो उसे किसी भी हालत में दूसरा मौका नहीं दिया जाएगा और उसे बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। भाजपा सूत्रों के अनुसार इसे भले ही अनुशासहीनता कहा जा रहा हो, लेकिन पार्टी के सभी पदाधिकारियों, विधायकों व मंत्रियों को यह मैसेज कर दिया गया है कि सरकार के खिलाफ बोलने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। सूत्रों के अनुसार ऐसे कार्यकर्ताओं पर भी पार्टी गाज गिरा सकती है जो खुद को भाजपा से जुड़ा हुआ बताते हैं, लेकिन पार्टी में काम करने के नाम पर पूरी तरह से निष्क्रिय है।
पार्टी में अनुशासनहीनता किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह साफ कर दिया गया है कि अनुशासनहीनता करने वालों की पार्टी में कोई जगह नहीं है। पानीपत ही नहीं, बल्कि प्रदेश के किसी भी जिले में पदाधिकारी या कार्यकर्ता की अनुशासनहीनता की शिकायत मिलती है तो कड़ी कार्रवाई होगी। जहां तक निष्क्रिय कार्यकर्ताओं की बात है तो उनको सक्रिय किया जा रहा है और वह समय को देखते हुए सक्रिय हो जाएंगे। अगर ऐसा नहीं होता है तो उनप र भी कोई फैसला लिया जाएगा।
सुभाष बराला, प्रदेशाध्यक्ष भाजपा