सोनीपत।
सरकार के दावे बड़े-बड़े होते है, लेकिन जमीनी स्तर पर वह जीरो दिखाई देते है। ऐसा ही शहरी स्वच्छता पुरस्कार के नाम पर किया गया, जिसकी प्रदेश में सोनीपत से शुरूआत की गई। यहां स्वच्छता पुरस्कार के नाम पर पूर्व पार्षद व एक संस्था को केवल प्रशंसा पत्र थमा दिया गया और ढाई महीने बीतने के बावजूद अभी तक पुरस्कार राशि तक नहीं दी गई है। जहां सबसे स्वच्छ वार्ड को 2 लाख रुपये तो स्वच्छता में अहम योगदान देने पर एक संस्था को 50 हजार रुपये दिए जाने थे। इन दोनों को विश्व पर्यावरण दिवस पर केवल प्रशंसा पत्र थमाकर पुरस्कार देने की खानापूर्ति कर दी गई और यह प्रशंसा पत्र भी खुद शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने सौंपा था। आज भी वार्ड के पूर्व नगर पार्षद और जनसेवा मंच के पदाधिकारी प्रोत्साहन राशि मिलने की आस लगाए हुए है तो नगर निगम के अधिकारी इसके लिए शासन से स्वीकृति का इंतजार कर रहे है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से शहरी स्वच्छता पुरस्कार देने की घोषणा की गई, जिसमें नगर निगम के सबसे स्वच्छ वार्ड के अलावा स्वच्छता में सबसे ज्यादा सहयोग करने वाली संस्था को पुरस्कार देने की बात कही गई। इसके लिए सभी वार्डों का निरीक्षण किया गया तो उसमें वार्ड-17 सबसे बेहतर मिली, वहीं भगवान शिव जनसेवा मंच को बेहतर संस्था के रूप में चुना गया। इनमें वार्ड के पार्षद को प्रशंसा पत्र व 2 लाख रुपये की राशि तो संस्था को प्रशंसा पत्र व 50 हजार की राशि से सम्मानित किया जाना था। यहां नगर निगम में वर्तमान में पार्षद नहीं है, इसलिए पूर्व पार्षद सरदार मनजीत सिंह को 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर हुए कार्यक्रम में मंत्री कविता जैन ने प्रशंसा पत्र थमा दिया। इस तरह ही भगवान शिव जनसेवा मंच से इंदू वलेचा को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनको राशि भी देने की बात कही गई थी, लेकिन ढाई महीने के बाद भी कुछ नहीं दिया गया। फाइल मुख्यालय भेजी गई
पूर्व नगर पार्षद व जनसेवा मंच को शहरी स्वच्छता पुरस्कार के लिए प्रोत्साहन राशि देनी है। इसके लिए निगम की तरफ से फाइल तैयार करके मुख्यालय को भेजी गई और वहां से मंजूरी मिलनी बाकी है। वहां से मंजूरी मिलते ही स्वच्छता पुरस्कार की राशि दी जाएगी।
विनोद नेहरा, कार्यकारी अधिकारी नगर निगम
5 जून को दिया था प्रशंसा पत्र
कैबिनेट मंत्री कविता जैन ने मंच को 50 हजार रुपये के स्वच्छता पुरस्कार देने के लिए 5 जून को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया था। प्रशंसा पत्र मिले ढाई माह बीत जाने के बाद भी अब तक पुरस्कार राशि नहीं मिली है।
इंदू वलेचा, अध्यक्षा, भगवान शिव जनसेवा मंच