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सोनीपत के किसानों का गन्ना लेने पर शुगर मिल में किसानों का हंगामा, मिल भी बंद कराया

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सोनीपत मिल क्षेत्र के किसानों का गन्ना लेने पर भड़के किसान, मिल बंद कराके हंगामा
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अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना। चौ. देवीलाल सहकारी चीनी मिल आहुलाना में मिल के निदेशक व किसान बुधवार सुबह भड़क गए। किसानों ने सोनीपत मिल क्षेत्र के किसानों का गन्ना नहीं लेने की मांग करते हुए मिल में लगभग एक घंटे तक कांटे को बंद रखा। गन्ने से भरी ट्रालियों का वजन नहीं होने के कारण गन्ना पेराई के लिए मशीन तक नहीं पहुंच पाया। जिससे करीब 20 मिनट तक पेराई का कार्य भी बंद रहा। किसानों के बीच मिल के एमडी महेंद्रपाल व गन्ना प्रबंधक डॉ. मंजीत दहिया ने सोनीपत के किसानों का गन्ना नहीं लेने का आश्वासन दिया और दो दिन के बाद किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मिल परिसर में एडीसी से बैठक कराने की बात कहीं। उसके बाद किसानों ने गन्ने से भरी ट्रालियों को तोल के लिए जाने दिया।
किसान नेता कृष्ण मलिक, निदेशक अशोक लठवाल, सुमेर, राजबीर, पूर्ण, सुरेंद्र, प्रदीप आदि ने कहा कि पेराई सत्र के शुभारंभ के दौरान सोनीपत मिल में खराबी आ गई। उस समय अधिकारियों ने एक सप्ताह तक सोनीपत के किसानों का गन्ना लेने की बात कहीं थी, लेकिन उसके बाद भी अब तक सोनीपत के किसानों का गन्ना लिया जा रहा है। लगभग एक लाख क्विंटल से ज्यादा गन्ना लिया जा चुका है। उन्होंने कहा कहा कि अब सोनीपत मिल में पेराई ठीक चल रही है, जबकि उनके क्षेत्र में गन्ना अधिक खड़ा है। लगभग 15 लाख क्विंटल गन्ना अभी बाकी है जिसकी पेराई होनी है। किसानों ने कहा कि या तो पहले सोनीपत के किसानों के गन्ने की पेराई पूरी कर दी जाए या पहले गोहाना क्षेत्र की कर दी जाए। किसानों ने करीब एक घंटे तक तोल कांटे को बंद रखा। जिसके चलते पेराई का कार्य 20 मिनट तक रूका रहा। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे एमडी महेंद्रपाल व गन्ना प्रबंधक डॉ. मंजीत दहिया ने किसानों को आश्वासन दिया कि दो दिन तक सोनीपत के किसानों का गन्ना नहीं लिया जाएगा। जिसके बाद एडीसी जयबीर सिंह आर्य से बैठक की जाएगी और उनका समाधान किया जाएगा। जिसके बाद किसानों ने तोल होने दिया और पेराई फिर से शुरू हो गई।
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सोनीपत के किसानों का गन्ना मिल में पहुंचने के कारण गोहाना क्षेत्र के किसानों काफी परेशानी है। यहां के किसानों को गन्ने की पर्चियां तक नहीं मिली। अगर उस मिल का गन्ना नहीं लिया जाता तो किसानों को नुकसान नहीं होता और अब जो गन्ना खड़ा है, अप्रैल माह में गेहूं की कटाई शुरू होगी। कृष्ण मलिक, भाकियू नेता।
मिल में गन्ना डालने के बाद पंद्रह दिन के अंदर पेमेंट करने का नियम है, लेकिन जनवरी माह से किसानों को पेमेंट नहीं मिली है। किसानों को पेमेंट नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जब अधिकारियों से पेमेंट के बारे में बातचीत की जाती है तो वह पेमेंट डाल देने का आश्वासन देते है। सभी किसानों की बकाया पेमेंट जल्द की जाए। अशोक लठवाल, निदेशक शुगर मिल।
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सोनीपत के किसानों का गन्ना नहीं लिए जाने की मांग को लेकर किसानों ने तोल कांटे को एक घंटे तक बंद रखा। जिसके बाद उन्होंने एडीसी से बातचीत कर दो दिन तक सोनीपत मिल का गन्ना नहीं लेने के लिए मना किया गया है। दो दिन के बाद मिल परिसर में ही एडीसी के साथ किसानों व निदेशकों की बैठक होगी। किसानों की जनवरी माह की 50 प्रतिशत पेमेंट डाल दी गई है। बकाया को जल्द डाल दिया जाएगा। महेंद्रपाल, एमडी शुगर मिल आहुलाना।
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