खामियां मिलने पर अनाथालय कराया बंद, लड़के सोनीपत शिफ्ट, लड़कियां राई भेजी गईं
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत/गन्नौर/राई। बिहार व यूपी की घटनाओं के बाद अधिकारी अनाथालयों का निरीक्षण करने में जुट गए हैं। गन्नौर में सीटीएम ने ग्राम विकास बाल कल्याण परिषद अनाथालय का निरीक्षण किया तो दो किशोर गायब मिले तो तीन बच्चों को बिना अनुमति के रखा जा रहा है। यहां पूरे स्टाफ की वेरिफिकेशन भी नहीं कराई गई थी। सीटीएम के फटकार लगाने पर संचालक ने गायब बच्चों की गुमशुदगी पुलिस में दर्ज कराई। सीटीएम की बेहतर व्यवस्था नहीं होने की रिपोर्ट के आधार पर अनाथालय को बंद करके लड़कों को सोनीपत शिफ्ट कर दिया गया। गोहाना के एक आश्रम में खामियां नहीं मिलने पर भी 13 लड़कियों को बालग्राम राई शिफ्ट कराया गया। इसके अलावा महिला आयोग की सदस्य ने ललिता ज्योति अनाथालय का निरीक्षण किया, यहां लड़कियों ने पढ़ने-लिखने तक की आजादी नहीं होने का आरोप लगाया। एक लड़की ने पढ़ाई के लिए अनाथालय से बाहर निकलवाने को आयोग की सदस्य को चिट्ठी सौंपी है। यहां से लड़कियों को बाल ग्राम राई भेजा जाने लगा तो बाल ग्राम राई में पहले से रह रही लड़कियों ने हंगामा कर दिया। इसके बाद सीटीएम समेत अन्य अधिकारियों पहुंचकर गन्नौर से लड़कियों को शिफ्ट करने से रोक दिया गया और हंगामा शांत कराया गया।
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विकास बाल कल्याण परिषद से दो बच्चे मिले गायब, केस
सीटीएम श्वेता सुहाग ने लल्हेड़ी रोड पर 1976 में शुरू हुए ग्राम विकास बाल कल्याण परिषद अनाथालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आश्रम से दो किशोर 14 वर्षीय राकेश व 16 वर्षीय विनोद गायब मिले। जब सीटीएम ने संचालक से जवाब-तलब किया तो संचालक ने बताया कि दोनों किशोर बिना बताए डेढ़ महीने पहले वहां से चले गए थे। सीटीएम ने संचालक हरिओम शर्मा को दोनों किशोर की गुमशुदगी की पुलिस रिपोर्ट दिखाने को कहा तो पुलिस रिपोर्ट नहीं करवाने के कारण हरिओम शर्मा रिपोर्ट नहीं दिखा सका। हरिओम शर्मा ने बताया कि उन्होंने दोनों गायब किशोर के बारे में बाल कल्याण समिति के चेयरमैन को दी थी। इस पर सीटीएम ने आश्रम संचालक को फटकार लगाते हुए बच्चों की पुलिस रिपोर्ट करवाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीटीएम ने देखा कि आश्रम में बिना बाल कल्याण समिति से मंजूरी लिए तीन बच्चे रखे गए हैं जो पंजाब के रहने वाले हैं। इसके अलावा आश्रम में कार्यरत केयरटेकर तेजबीर, रसोईया कृष्णा देवी, चपरासी बलजीत व सफाईकर्मी रेखा की पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं करवाई गई थी। सीटीएम की रिपोर्ट के आधार पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी स्वीटी सैनी ने अनाथालय बंद करा दिया और वहां से 18 लड़कों को सोनीपत किशोर विकास सदन में शिफ्ट कर दिया गया। इनको करनाल भेजा जा सकता है, जिसको लेकर वीरवार को फैसला लिया जाएगा।
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सपना बाल कुंज आश्रम से बालग्राम में शिफ्ट की 13 लड़कियां
जिला बाल संरक्षण अधिकारी स्वीटी सैनी ने बुधवार को खानपुर के सपना बाल कुंज आश्रम का निरीक्षण किया। जहां निरीक्षण के दौरान उनको किसी तरह की खामियां नहीं मिली। लेकिन वहां से 13 लड़कियों को एहतियात के तौर पर बाल ग्राम राई में शिफ्ट कर दिया गया है। वह लड़कियां फिलहाल बालग्राम राई में ही रहेगी और इस तरह प्राइवेट अनाथालयों व आश्रम से सभी को शिफ्ट किया जा रहा है।
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महिला आयोग की सदस्य से लड़कियों ने मांगी पढ़ने की आजादी, चिट्ठी सौंपी
हरियाणा महिला आयोग की सदस्य सोनिया अग्रवाल ने बुधवार को बड़ी गांव में पिछले 15 साल से चल रहे ललिता ज्योति अनाथालय में निरीक्षण करने पहुंची। जहां व्यवस्था को जांचने के साथ ही 31 लड़कियों से बातचीत की। लड़कियों ने बताया कि वहां उनको किसी तरह की आजादी नहीं है। 21 वर्षीय लड़की दिशा ने महिला आयोग की सदस्य को बताया कि वह 12वीं कक्षा की परीक्षा दे चुकी है। लेकिन अब उसे आगे पढ़ने से रोका जा रहा है और वह आगे पढ़कर अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती है। इसके बावजूद उसे आश्रम से बाहर नहीं जाने दिया जाता है। दिशा ने एक चिट्ठी भी महिला आयोग की सदस्य को सौंपकर आश्रम से बाहर निकलवाने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि मंत्री कविता जैन व डीसी विनय सिंह से बात करके इसका हल निकाला जाएगा। सोनिया अग्रवाल ने आश्रम के खातों में आने वाले फंड के बारे में भी जानकारी ली, लेकिन पूरे दस्तावेज नहीं होने की वजह से उन्हें एक सप्ताह के अंदर सभी दस्तावेज अपने मुख्य कार्यालय से मंगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह अगले सप्ताह फिर से आश्रम का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लेगी। इस अनाथालय का मंगलवार को सीटीएम श्वेता सुहाग ने भी निरीक्षण किया था, जिनसे दो लड़कियों ने मारपीट की बात कही थी। इसके आधार पर सीटीएम ने भी अपनी रिपोर्ट डीसी को सौंपी।
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बालग्राम राई में लड़कियों ने किया हंगामा
प्रशासन बुधवार दिन में ही गोहाना के आश्रम से 13 लड़कियों को बालग्राम राई में भेज चुका था। उसके बाद शाम को ललिता ज्योति अनाथालय से भी 31 लड़कियों को बालग्राम राई में शिफ्ट करने की तैयारी कर दी गई और अनाथालय के बाहर बस भी लगवा दी गई। इसका पता बालग्राम राई में पहले से रह रही लड़कियों को पता चला तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया गया। देर शाम लगभग 8 बजे तक लगभग दो घंटे तक हंगामा किया। जानकारी मिलते ही प्रशासन के हाथ पांव फूल गए और सीटीएम श्वेता सुहाग के साथ ही जिला बाल संरक्षण विभाग से अधिकारियों व कर्मियों को वहां भेजा गया। वहां पहले लड़कियों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह शांत नहीं हुई। इसके बाद प्रशासन को ललिता ज्योति अनाथालय से लड़कियां बाल ग्राम राई में शिफ्ट करने का फैसला बदलना पड़ा। वहां से लड़कियों को वीरवार को किसी अन्य जगह शिफ्ट करने की बात कहने के बाद ही बालग्राम राई की लड़कियां शांत हुई।
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जिले के सभी अनाथालयों व आश्रमों का निरीक्षण किया जा रहा है। जिस किसी भी जगह कोई खामी मिल रही है, वहां से लड़के व लड़कियों को शिफ्ट कराया जा रहा है। बालग्राम राई में बाहर से लड़कियों को शिफ्ट करने को लेकर वहां पहले से रह रही लड़कियों ने विरोध जताया था। जिसके बाद फिलहाल लड़कियों को शिफ्ट नहीं किया गया है और बालग्राम के अंदर भी मामला शांत करा दिया गया है।
विनय सिंह, डीसी