ड्रेन किनारे बने 463 मकान बचने की उम्मीद, पहले टूटने थे 130 फुट तक में बने मकान, अब 70 फुट खाली होगी जगह
प्रदीप कौशिक
सोनीपत। शहर के बीच से गुजर रही ड्रेन नंबर 6 को पक्का करने के लिए जिन 463 मकानों को तोड़ने का नोटिस दिया गया था, उन सभी मकानों की अब बचने की उम्मीद जग गई है। यह सभी मकान ड्रेन के किनारे बने हुए है और इनको ड्रेन की जमीन पर बने होने की बात कहते हुए सिंचाई विभाग की ओर से नोटिस दिया गया था। जिसमें आशियाना बचाओ संघर्ष समिति ने एससी-एसटी आयोग में मामला डाला तो वहां से ड्रेन को पक्का करने के लिए केवल 70 फुट जगह को खाली कराने का आदेश दिया। जबकि पहले 130 फुट तक जगह खाली कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी, जिससे सभी मकान टूटने थे। अब निगम दोबारा से निशानदेही कराएगा और 70 फुट के दायरे में आने वाले मकानों पर ही गिराने की कार्रवाई होगी।
करनाल की मुगल केनाल की तर्ज पर शहर के बीच से गुजर रही ड्रेन नंबर छह को पक्का करने का काम नगर निगम ने शुरू किया हुआ है। इस पर अम्रुत योजना के तहत 87 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे है। करीब 5 किलोमीटर तक ड्रेन के दोनों तरफ दीवार खड़ी की जाएगी, जिसके ऊपर पिलरों के माध्यम से स्लैब डालकर ड्रेन को ढक दिया जाएगा। जिससे बंद होने पर ड्रेन में गंदगी कम जाएगी और लोगों को बदबू से निजात मिल सकेगी। इसका निर्माण कार्य दिसंबर 2017 में शुरू कर दिया गया था।
जनवरी में 463 मकान गिराने के लिए दिए गए थे नोटिस
सिंचाई विभाग की ओर से ड्रेन नंबर 6 के पक्का किए जाने के कारण 130 फुट जमीन को खाली कराने के लिए कहा गया था। जिस पर सिंचाई विभाग ने कहा था कि नहर के किनारे बने जिन मकानों को नोटिस दिया गया है, वह सिंचाई विभाग की जमीन है और उस पर कब्जा करके मकान बनाए गए है। अब ड्रेन को चौड़ा करके पक्का बनाने के कारण मकानों को गिराया जाएगा। इसके बाद आशियाना बचाओ संघर्ष समिति ने मकान गिराने के नोटिसों का विरोध किया और समिति के पदाधिकारी सिंचाई विभाग की इस कार्रवाई के विरोध में एससी-एसटी आयोग में चले गए थे।
आयोग के फैसले से समिति खुश, प्रशासन के साथ मीटिंग का इंतजार
ड्रेन पर पहले से बने मकानों को लेकर एससी-एसटी आयोग के फैसले से आशियाना बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारी खुश है। पदाधिकारी राजसिंह दलाल का कहना है कि यदि नगर निगम या सिंचाई विभाग ड्रेन को पक्का करने के लिए सही निशानदेही करे तो ड्रेन पर बने कोई भी मकान को नहीं तोड़ा जा सकता। ड्रेन के 70 फुट के क्षेत्र में कोई भी प्रॉपट्री नहीं आती है, जिसको निगम की ओर से तोड़ा जा सके। इसको लेकर डीसी व नगर निगम कमिश्नर के साथ मीटिंग भी होनी है, जिसका समिति के पदाधिकारी इंतजार कर रहे है।
ड्रेन के निर्माण में बाधा बनने वाले 463 मकानों को तोड़ने का नोटिस जनवरी माह में दिया गया था। इसके बाद आशियाना बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारी एससी-एसटी आयोग में चले गए थे। वहां से आए फैसले के मुताबिक 70 फुट एरिया की निशानदेही की जाएगी। 70 फुट के अंदर आने वाली प्रॉपट्री को तोड़ दिया जाएगा।
- राधेश्याम शर्मा, एक्सईएन, नगर निगम।
ड्रेन पर बने सभी मकानों को तोड़े जाने के विरोध में समिति एससी-एसटी आयोग में चली गई थी। आयोग ने 70 फुट जमीन पर 33 फुट में ड्रेन को पक्का करने व अन्य जगह में रास्ता बनाने का फैसला दिया है। ड्रेन के 70 फुट एरिया में कोई भी मकान नहीं आता और इस तरह सभी मकान बच जाएंगे।
- राजसिंह दलाल, प्रधान आशियाना बचाओ संघर्ष समिति।