अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि सरकारी नौकरी में जाटों को लेकर जिन आंकड़ों को दिखाया जा रहा है, वह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने सही आंकड़े जुटा लिए हैं और 31 दिसंबर से पहले ही आयोग के सामने पेश करेंगे। इससे साफ हो जाएगा कि जाट आरक्षण के बड़े हकदार है। वहीं यशपाल मलिक ने कहा कि 23 दिसंबर को जाट आरक्षण आंदोलन की रणनीति का खुलासा किया जाएगा, जिसके लिए जसिया में बड़ी बैठक बुलाई गई है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि इस बार राष्ट्रव्यापी आंदोलन होगा।
जाट नेता यशपाल मलिक रविवार को रोहतक रोड स्थित एक होटल में समिति की कोर कमेटी की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। यशपाल मलिक ने कहा कि उनकी अध्यक्षता में हरियाणा पिछड़ा आयोग के सामने जाटों की सरकारी नौकरी में हिस्सेदारी को लेकर सही आंकड़े रखे जाएंगे। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है जो 31 दिसंबर से पहले ही आयोग के सामने सही आंकड़े रख देगी। इसके साथ ही सरकार से मांग करते हुए कहा कि आयोग के सामने सामाजिक व शैक्षणिक पिछड़ेपन के आंकड़े भी पेश करने चाहिए। मलिक ने कहा कि 23 दिसंबर को जसिया में समिति की प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई गई है और इस बैठक में आरक्षण को लेेकर आगे के आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। यशपाल मलिक ने कहा कि उनका सरकार से छह मुद्दों पर समझौता हुआ था। जिनमें से दो मुद्दे आरक्षण तो अन्य आंदोलन में मरने वालों के परिजनों को नौकरियों व युवाओं पर दर्ज मामले वापस लेने के शामिल हैं। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष सूबेसिंह ढ़ाका, महासिचव महेंद्र सिंह पूनिया, प्रवक्ता रामभगत मलिक, राष्ट्रीय महासिचव अशेाक बल्हारा, जिलाध्यक्ष आजाद लठवाल, मा. मामन सिंह, अशोक बल्हारा, प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान सिंह, मन्नू आंवली, जागेंद्र संधू, रामकुमार मान, प्रवीन कैथल आदि मौजूद रहे।
अगड़ी जातियां मलाईदार पदों पर कर रहीं नौकरी
यशपाल मलिक ने कहा कि जाट समेत जिन छह जातियों को आरक्षण देने की मांग की जा रही है। उनमें से कई जातियों के लोग तृतीय व चतुर्थ श्रेणी की नौकरियां करते ही नहीं हैं। उन्होंने नाम लेकर कहा कि खत्री, अरोड़ा, बनिया व ब्राह्मण ऐसी जातियां है जो सेल्स टैक्स व अन्य मलाईदार नौकरियों को प्राथमिकता देते हैं। इनकी कुल संख्या दस फीसदी से कम है, जबकि नौकरियों में यह जातियां 30 फीसदी से ज्यादा हैं। यह सरकार की ओर से जारी आंकड़ों से साबित होता है। इन जातियों को जनसंख्या कम होने के बावजूद प्रथम व द्वितीय श्रेणी में नौकरी मिली हुई है।
राजकुमार सैनी कर रहे सरकार के इशारे पर रैली
कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी के चंदे में हेराफेरी करने के आरोप पर यशपाल मलिक ने कहा कि उनका हमारे से कोई लेना-देना नहीं है। चंदे का हिसाब कई बार दिया जा चुका है। इसके बावजूद आंदोलन को भटकाने के लिए सांसद बार-बार सरकार के इशारे पर इस मामले को उठा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजकुमार सैनी केवल सरकार के इशारे पर रैलियां कर रहे है और वह ऐसा जींद में कर चुके है। वह केवल भाईचारा बिगाडने का काम कर रहे है। वहीं यशपाल मलिक ने चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि वह जिंदगी में कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे और वह केवल समाज के लिए काम करेंगे।