अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद जिले में हुई बूंदाबांदी हुई है। उसके साथ ही उत्तर-पश्चिम से शीत लहरों ने भी जिले में अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। जिसके चलते सप्ताह भर में तापमान में 4 डिग्री तक की गिरावट आ गई है। वहीं मौसम विशेषज्ञों के अनुसार नवंबर के अंत तक तापमान में 3 से 4 डिग्री की और गिरावट के साथ धुंध का भी सामना करना पड़ सकता है।
जिले में इस बार मानसून काफी कमजोर रहा है। इसके चलते प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद लोगों को स्मॉग का भी सामना करना पड़ा। हालांकि पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण शुक्रवार की रात को जिले में कई स्थानों पर बूंदाबांदी हुई थी। वहीं अब पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाली उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने जिले में ठंडक को बढ़ा दिया है।
न्यूनतम तापमान 10 डिग्री पर पहुंचा
पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी व जिले में कुछ स्थानों पर हुई बूंदाबांदी के बाद रविवार को दिन का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम तापमान 24 डिग्री रहा। सप्ताह भर पहले तक न्यूनतम तापमान 14 डिग्री और अधिकतम तापमान 30 डिग्री के आसपास बना हुआ था। रविवार सुबह के समय आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहे, हालांकि बाद में धूप निकल आई। परंतु तीसरे पहर फिर से बादल छा गए।
गेहूं की बिजाई में आई तेजी
ठंड बढ़ने के साथ ही गेहूं की बिजाई में भी तेजी आ गई है। जिले में लगभग एक लाख 38 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं की बिजाई का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 50 फीसदी गेहूं की बिजाई हो चुकी है। हालांकि शुक्रवार रात को हुई बूंदाबांदी ने किसानों की चिंता को अवश्य बढ़ा दिया था। परन्तु मौसम साफ होने के बाद उम्मीद की जा रही है दिसंबर की शुरुआत से पहले गेहूं की बिजाई के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा। मौसम ठंडा होने के बार किसानों ने गन्ने की बिजाई भी करनी शुरू कर दी है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
कृषि विज्ञान केंद्र जगदीशपुर के कॉर्डिनेटर डॉ.अनिल राठी ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में बर्फबारी होनी शुरू हो गई है। इसका असर अब मैदानी क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। तापमान में अब तेजी से गिरावट आ सकती है। तापमान में गिरावट के बाद रबी की फसलों की बिजाई बढ़ गई है।