सोनीपत। अवैध रूप से गर्भपात किट बेचने का गोरखधंधा जोरों पर है। ऐसा ही एक मामला तब संज्ञान में जब नागरिक अस्पताल में एक गर्भवती को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। महिला की हालत बिगड़ने का कारण बिना डाक्टरी सलाह के गर्भपात की दवा खाना रहा।
कुंडली थाना क्षेत्र की एक महिला ने मेडिकल स्टोर से एमटीपी की किट ली थी। 31 मई की शाम और 1 जून को उसने गर्भपात की दवा खाई। 3 जून को गर्भवती की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया था। 4 जून को गर्भपात होने के बाद सिविल सर्जन डाॅ अनुराधा जैन के निर्देशन में शुक्रवार को सेरसा गांव में स्थित सूर्यांश मेडिकल स्टोर पर छापा डाला।
छापामार दस्ते ने पाया कि मेडिकल स्टोर पर न तो इसका मालिक संतोष यादव और न ही फार्मासिस्ट कोमल मौजूद थीं। वहां टीम को 12वीं पास युवक प्रदीप मिला जिसने उस महिला को अपने लाभ के लिए बिना डाक्टरी पर्चे के गर्भपात की दवाई 1100 रुपये में बेची थीं। कार्रवाई के दौरान टीम ने मेडिकल स्टोर से और एक गर्भपात किट बरामद की। इसके अलावा गर्भपात की किट के दो खाली पैकेट भी मिले। पीएनडीटी व एमटीपी के नोडल अधिकारी डॉ. योगेश दहिया, पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डाॅ. दीपक कौशिक मौजूद रहे।
12वीं पास बेच रहा मेडिकल स्टोर पर दवाइयांः
मेडिकल स्टोर पर मौजूद प्रदीप ने बताया कि दवाइयों की खरीद मालिक संतोष की ओर से की जाती है। 12वीं पास प्रदीप मालिक को 700 रुपये प्रतिदिन देकर बाकी मुनाफा अपने पास रखता है। यही उनका वेतन है। फार्मासिस्ट कोमल को बराए नाम ही रखा गया है।