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शुगर मिल नहीं चलने पर किसानों का लघु सचिवालय में हंगामा, धांधली के आरोपों की टीम जांच करने पहुंची

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शुगर मिल नहीं चलने पर किसानों का लघु सचिवालय में हंगामा, धांधली के आरोपों की टीम जांच करने पहुंची
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। शुगर मिल में मशीन का बैरिंग टूटने से दो दिन से गन्ना पेराई बंद होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मिल अधिकारियों के कोई सुनवाई नहीं करने पर किसान अपनी समस्या लेकर बुधवार को लघु सचिवालय पहुंचे, जहां किसानों ने मिल चलवाने की मांग को लेकर हंगामा किया। वहां डीसी के नहीं मिलने पर किसान मिल में पहुंचे तो वहां एडीसी पूरी टीम के साथ मिल की क्षमता बढ़ाने में धांधली के आरोपों की जांच करने पहुंचे हुए थे। किसानों ने जांच सही से करने के साथ ही गन्ना बाहर की मिलों में भेजने की मांग रखी। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
दी सोनीपत को-ऑपरेटिव शुगर मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने पर 15 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद भी मशीनें नहीं चल रही हैं। करीब 13 दिन पहले भी शुगर मिल में पेराई बंद हो गई थी, जिसके बाद मिल को किसी तरह चलाया गया था। लेकिन अब दो दिन से किसानों की परेशानी बढ़ी है, क्योंकि वहां मशीन का बैरिंग टूटने के कारण गन्ना पेराई का कार्य पूरी तरह से बंद है। इस कारण ही बुधवार को गन्ना उत्पादक किसान मिल को चालू कराने की मांग को लेकर लघु सचिवालय में पहुंचे। लेकिन डीसी के नहीं मिलने से परेशान किसानों ने रोष जताया। उन्होंने कहा कि मिल में गन्ने की पेराई का कार्य पूरी तरह से बंद पड़ा है। गन्ना पेराई नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उसके बाद भी मिल प्रबंधन उनके गन्ने को बाहर की मिलों में नहीं भेज रहा। इस दौरान चंद्रभान, वीरेंद्र, मंजीत, धर्मेंद्र, तीर्थ राणा, जगत कुराड़, भूपेंद्र, संदीप, नीरज आदि किसान मौजूद रहे।
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मिल में धांधली की जांच शुरू, एक सप्ताह में सौंपनी होगी रिपोर्ट
मिल में पहले खराबी आने पर 14 दिसंबर को शुगरफेड के एमडी आरएस वर्मा व डीसी विनय सिंह भी वहां पहुंचे थे। जहां किसानों की समस्याएं सुनी थीं। उस दौरान किसानों ने मिल की क्षमता बढ़ाने में हुई धांधली की जांच कराने की मांग की थी। इस पर शुगरफेड के एमडी की ओर से एडीसी जयबीर आर्य की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी में शाहबाद, कैथल व करनाल शुगर मिल के चीफ इंजीनियर भी सदस्य के रूप में शामिल रहे। बुधवार को एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी जांच करने के लिए मिल में पहुंची। इस दौरान किसानों ने टीम को मिल में हुई धांधली की सही जांच करने की मांग की। कमेटी के अध्यक्ष एडीसी जयबीर सिंह आर्य ने किसानों से कहा कि जल्द ही कमेटी जांच कर रिपोर्ट शुगर फेड एमडी को सौंपेगी। उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
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मैने आठ एकड़ में गन्ना लगा रखा है, लेकिन मिल में गन्ना डालने के लिए एक बार भी पर्ची नहीं मिल पाई। शुगर मिल पहले ही ठीक ढंग से नहीं चल रहा। जिसके चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुलदीप कुमार, किसान उद्देशीपुर
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गांव में मैने 22 एकड़ में गन्ना लगा रखा है। जब से शुगर मिल चला है, उस दिन से अब तक एक एकड़ का गन्ना डाल पाया। गेहूं की बिजाई का समय भी बीत चुका है। जिसके चलते परेशानी हो रही है। तीर्थ राणा, किसान रहमाणा
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30 एकड़ में अभी तक 2 एकड़ का गन्ना मिल में डाल पा या। मिल में बार-बार तकनीकी खराबी आने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समय पर मिल में गन्ने की पेराई नहीं हो रही। सुरेंद्र, किसान महलाना
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एडीसी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने मिल की क्षमता बढ़ाने में हुई धांधली के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। करीब एक सप्ताह के अंदर एडीसी अपनी रिपोर्ट शुगरफेड के एमडी को सौंप दी जाएगी। वहीं मिल में आई तकनीकी खराबी को जल्द ही दुरुस्त कर दिया जाएगा।
-सुरेंद्र दून, एमडी शुगर मिल
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