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सफियाबाद रेलवे फाटक बंद करने के विरोध में चार गांवों के लोग भडक़े, पंचायत कर फाटक खोलने की मांग

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अमर उजाला ब्यूरो
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कुंडली। दिल्ली-अंबाला रेललाइन पर साफियाबाद फाटक नंबर-19 पर तैनात गेटमैन व उसके साथी पर हमला किए जाने के बाद से बंद है। फाटक को खोलने की मांग को लेकर चार गांवों के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने फाटक पर एकत्रित होकर पंचायत की और आक्रोश जताया। उनका आरोप था कि एक माह से अधिक समय से फाटक बंद होने के चलते उन्हें अपने गांव तक जाने के लिए कई किलोमीटर चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। बाद में जीआरपी, आरपीएफ व कुंडला थाना प्रभारियों ने लोगों को समझाकर शांत किया। उनकी मांग रेलवे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया है।
विदित रहे कि 16 सितंबर की रात को गेटमैन के पद पर नियुक्त मूलरूप से बिहार के जिला बांका के गांव बिसनपुर का रहने वाला कुुंदन पाठक ड्यूटी पर था। रात को उनके गांव का चंदन कुमार भी उसके पास आया था। इसी बीच हमलावरों ने दोनों पर हमला कर दिया। जिससे उसके हाथ काट दिए गए थे। जिसके बाद से रेलवे ने फाटक नंबर-19 को बंद कर रखा है। जिससे आस-पास के गांवों के ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों को फाटक पार अपने खेतों में भी काफी दूर तक चक्कर लगाकर जाना पड़ता है। जिससे परेशान होकर वह पिछले दिनों दिल्ली में रेलवे डीआरएम व जीएम से मिलने गए थे। वहां उनकी मुलाकात नहीं हो सकी थी। जिस पर उन्होंने 22 अक्तूबर को आंदोलन की चेतावनी दी थी। जिसके चलते नाहरी, सफियाबाद, खेडी मनाजात, मल्लाह माजरा के ग्रामीण सोमवार को एकत्रित होकर फाटक पर पहुुंच गए। उन्होंने वहां जमकर रोष जताया। उनका कहना था कि कई लोगों को तो पानी निकासी की पुलिया के नीचे से जद्दोजहद के बाद निकलना पड़ रहा है। जिस पर सूचना के बाद जीआरपी थाना प्रभारी ताराचंद, आरपीएफ थाना प्रभारी पीएन गोस्वामी व कुंडली थाना प्रभारी बीर सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाकर शांत किया। जिसके बाद लोग वापस लौट गए।
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ग्रामीण बोले खेतों में जाने में आ रही दिक्कत
ग्रामीणों ने बताया कि एक माह से खेतों में जाने में भी दिक्कत आ रही है। काफी दूर से घूमकर अपने खेतों में जाना पड़ रहा है। जिससे फसल की देखभाल भी नहीं हो रही है। जिससे लोगों की दिक्कत लगातार बढ़ती जा रही थी।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम, ट्रैक जाम करेंगे
इस दौरान लोगों को समझाने के लिए पहुंचे पुलिस कर्मियों ने लोगों को एक सप्ताह में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। जिसके बाद लोगों ने कहा कि अगर एक सप्ताह में समाधान नहीं हुआ तो वह रेलवे ट्रैक जाम करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
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वर्जन
ग्रामीणों की फाटक बंद की समस्या को लेकर रेलवे अधिकारों से बातचीत चल रही है। जल्द समस्या का हल निकला जाएगा। ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
ताराचंद, थाना प्रभारी, जीआरपी, सोनीपत।
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