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केजीपी की सीमेंट वाली मेन सड़क में कई जगह दरार, सड़क के साथ हार्वेस्टिंग सिस्टम की नालियां धंसी

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केजीपी की सीमेंट वाली मेन सड़क में कई जगह दरार, हार्वेस्टिंग सिस्टम की नालियां धंसी
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5764 करोड़ से बना कुंडली-गाजियाबाद-पलवल ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे बारिश का एक सीजन भी नहीं झेल सका
केजीपी लाइव----
अंकित चौहान
सोनीपत। जिस 5764 करोड़ रुपये से बने केजीपी ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे का पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों से उद्घाटन कराकर एनएचएआई के अधिकारी उसे देश का सबसे हाइटेक एक्सप्रेस वे होने का दावा करते हैं। वह केजीपी एक सीजन की बारिश तक नहीं झेल पाया और उसकी हालत काफी खराब हो गई है। केजीपी की सीमेंट वाली मेन सड़क में कई जगह दरार आ गई है और एंट्री प्वाइंट पर बनी तारकोल की सड़क व रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की नालियां भी कई जगह से धंस गई है। जिस जगह पर सीमेंट वाली सड़क में दरार आई है, वहां जमीन नीचे बैठती जा रही है और वहां वाहन चालकों को बड़ा झटका लगता है। एक्सप्रेस वे का डिवाइडर तोड़कर भी वाहन चालकों ने खुद ही कट बना लिया है। इस तरह केजीपी पर सफर करना हादसों से भरा होता दिख रहा है।
दिल्ली से वाहनों का भार काम करने के साथ ही वाहन चालकों को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए 5764 करोड़ रुपये से केजीपी ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे बनाया गया है। इस केजीपी का 27 मई को पीएम नरेंद्र मोदी से उद्घाटन कराया गया था। एनएचएआई के अधिकारियों ने उस समय दावा किया था कि यह देश का सबसे हाइटेक एक्सप्रेस वे है, जिसपर स्पीड ट्रैकिंग सिस्टम से लेकर ओवरलोड वाहनों पर पूरी तरह से रोक रहेगी। सोलर सिस्टम, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी उसपर बनाए गए। लड़ाकू विमान तक केजीपी पर भविष्य में उतारे जाने का दावा किया गया था।
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पांच किमी में तीन जगह दरार
केजीपी को जल्दी शुरू करने के चक्कर में उसे बेहतर तरीके से नहीं बनाया गया है, जिसका इसी बात से पता चलता है कि पांच किमी के दायरे में तीन जगह दरार आ गई है। उत्तर प्रदेश के बागपत की ओर से आते हुए कुंडली में केजीपी की सीमेंट वाली सड़क में मोटी दरार आ गई है जो बढ़ती जा रही है। वहां दरार के पास ही सड़क नीचे बैठती जा रही है, जिससे वाहनों के तेजी पर होने से बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, टोल टेक्स के पास भी केजीपी में लंबी दरार है तो आर्ट गैलरी की छत पर भी केजीपी में दरार आ गई है।
केजीपी पर चढ़ते ही सड़क धंसी, नालियां धंसी
नेशनल हाईवे एक से जब केजीपी पर सफर करने के लिए चढ़ते है तो वहां मिट्टी दरकने से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की नाली धंसने से टूट चुकी है। हालांकि पहले भी कई जगह हार्वेस्टिंग सिस्टम की नालियां धंसी थी, लेकिन उनको ठीक कर दिया गया है। यह एक नाली धंसी होने के कारण बारिश होने से केजीपी पर पानी भर जाता है और उस कारण ही वहां सड़क धंस गई है। उस जगह पर सड़क में गड्ढा हो गया और वहां सड़क काफी दूर तक धंसकर टूट गई है। इस तरह ही बढख़ालसा को जाने वाली सड़क से केजीपी पर चढ़ने के लिए सड़क बनाई गई है। वह सड़क भी मिट्टी दरकने से काफी दूर तक धंस गई है।

डिवाइडर तोड़कर बनाया कट
केजीपी को जहां बनाने में अनियमियतता बरती गई है, वहीं उसकी देखरेख तक नहीं हो रही है। इस कारण ही वाहन चालकों ने खुद ही केजपी का डिवाइडर तोड़कर अवैध रूप से कट बना लिया है। जिससे किसी को केएमपी पर जाना है तो वह केजीपी पर चढ़कर भी कट से निकलकर केएमपी पर पहुंच सकता है, जिससे वाहन चालक केएमपी-केजीपी का पुल पार करने से बच जाते है। लेकिन इस तरह अवैध रूप से कट बनाने से हादसों का खतरा बढ़ गया है।
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बारिश के बाद कई जगह सड़क के किनारों से मिट्टी धंसी है, लेकिन उससे किसी जगह सड़क में दरार आई है या वह धंसी है, इस बारे में पता लगाया जाएगा। कंपनी को अभी चार साल तक मेंटीनेंस करना है तो उससे सड़क को पूर तरह से ठीक कराया जाएगा।
- आजशीष जैन, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई

वाहन चालकों ने एक्सप्रेस वे का डिवाइडर तोड़कर खुद ही बना लिया कट, हादसा होने का खतरा बढ़ा
फोटो 5: केजीपी पर चढ़ते ही धंसी सड़क
फोटो 6: केजीपी पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए बनी नाली टूटी
फोटो 7: बढख़ालसा से केजीपी पर चढने के लिए बनी सड़क धंसी
फोटो 8: केजीपी में टोल टेक्स के पास आई दरार
फोटो 9: केजीपी पर कुंडली के पास आई मोटी दरार
फोटो 10: केजीपी का डिवाइडर तोड़कर बनाया गया अवैध कट
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