अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना। बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में कश्मीर की रहने वाली एमबीबीएस की एक छात्रा से दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के मामले की जांच के लिए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रतिभा सुमन अपनी टीम के साथ पहुंचीं। टीम ने करीब तीन घंटे पूछताछ की। हालांकि टीम की छात्रा से मुलाकात नहीं हो सकी। बातचीत के बाद अध्यक्ष प्रतिमा सुमन ने कहा कि मामले की जांच के लिए नए सिरे से स्वतंत्र जांच कमेटी गठित करेगी कराई जाएगी। कमेटी में महिला मेडिकल कॉलेज का कोई अधिकारी शामिल नहीं होगा जबकि सभी अधिकारी दूसरे कॉलेजों के होंगे। इसके लिए हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी रोहतक के कुलपति से बातचीत की जाएगी। टीम ने रिकार्ड खंगाला और कॉलेज के अधिकारियों व आरोपी अधिकारी से पूछताछ की।
वीरवार को प्रतिभा सुमन, उपाध्यक्ष प्रीति, सुनीता, सोनिया पहुंचीं। इस टीम ने करीब तीन घंटे तक बंद कमरे में अधिकारियों से पूछताछ की। आरोपी विभागाध्यक्ष से भी पूछताछ की गई। प्रतिभा सुमन ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए स्वतंत्र कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी में सभी अधिकारी संबंधित कॉलेज को छोड़ कर दूसरे कॉलेजों के होंगे। बता दें कि बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में कश्मीर की एक छात्रा एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। विदेश में रह रहे छात्रा के भाई ने बीते दिनों हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी रोहतक के कुलपति को पत्र लिखा था कि उसकी बहन पिछले साल कश्मीर में दंगे होने के कारण लंबे समय तक कॉलेज नहीं आ सकी थी। इससे उसकी हाजिरी कम हो गई थी। इस वजह से उसके कोर्स का एक साल बढ़ा दिया गया था। भाई ने आरोप लगाया गया था कि कॉलेज के कम्यूनिटी मेडिसन विभाग के अध्यक्ष द्वारा उसकी बहन को परेशान किया गया।। हैल्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति के आदेश पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन कमेटी गठित करके मामले की जांच करवा रहा है। विभागाध्यक्ष पर पहले भी यहां नौकरी करने वाली दो महिला चिकित्सक व एक अन्य महिला उत्पीड़न का आरोप लगा चुकी हैं।
नहीं मिल सकी पीड़ित छात्रा
वीरवार को कॉलेज में पहुंची टीम को पीड़ित छात्रा नहीं मिली। कॉलेज में अगले माह पहले सप्ताह में प्रैक्टिकल शुरू होने हैं। तब छात्रा के कॉलेज आने की उम्मीद है। उस समय आयोग की टीम छात्रा से अकेले में बातचीत करेगी। हालांकि टीम ने कई अन्य छात्राओं से बातचीत की।
मीडिया के प्रवेश पर भी लगाई रोक
छात्रा उत्पीड़न का मामला अखबारों में प्रकाशित होने के बाद महिला मेडिकल कॉलेज के प्रशासन ने कॉलेज में मीडिया के प्रवेश पर ही रोक लगा दी है। कॉलेज के निदेशक के आदेश का एक पोस्टर भी अस्पताल की दीवार पर चस्पा दिया गया है। आदेश में लिखा गया है कि बिना अनुमति के मीडिया को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
वर्जन
पीड़ित छात्रा से अकेले में बातचीत की जाएगी। छात्रा के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने के लिए अलग से स्वतंत्र जांच कमेटी गठित की जाएगी। आरोपी विभागाध्यक्ष पर महिला चिकित्सकों द्वारा भी आरोप लगाने की बात सामने आई है। उनमें शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी।
प्रतिभा सुमन, अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग