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जिन यूनिवर्सिटी से पहले जुड़े थे कॉलेज, उनसे ही जुड़े दोबारा जोड़े गए, दांव पर विद्यार्थियों का भविष्य

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अमर उजाला ब्यूरो
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सोनीपत। सरकार और कॉलेजों की खींचतान से विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। कॉलेज की संबद्धता के मामले को लेकर लगे स्टे को हाईकोर्ट ने हटा दिया है। अब ऐसे में एक बार फिर सरकार के नोटिफिकेशन के हिसाब से नई यूनिवर्सिटी से कॉलेज को संबद्ध होंगे। ऐसे में पुरानी यूनिवर्सिटी से पढ़ाई के बाद अचानक नई यूनिवर्सिटी से संबद्ध होने पर नए सिलेबस के आधार पर विद्यार्थियों को परीक्षा देनी होगी। सरकार ने सोनीपत और पानीपत के जिन कॉलेजों को मुरथल यूनिवर्सिटी और खानपुर महिला कॉलेज से जोड़ा था, स्टे हटने के बाद अब फिर से वह वापस इन्हीं यूनिवर्सिटी के पास आ गए हैं। जबकि नोटिफिकेशन से पहले इंजीनियरिंग, बीएड सहित महिला कॉलेज कुरुक्षेत्र, मुरथल और जींद यूनिवर्सिटी से संबद्ध थे। अब यूनिवर्सिटी प्रशासन को जल्द से जल्द इसका हल निकालना होगा, वरना करीब एक लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
दरअसल जुलाई में सरकार की ओर से यूनिवर्सिटी से कॉलेज को संबद्ध करने को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इसमें पानीपत और सोनीपत के इंजीनियरिंग और बीएड कॉलेज को सोनीपत मुरथल यूनिवर्सिटी और पानीपत और सोनीपत के महिला कॉलेज को खानपुर बीपीएस यूनिवर्सिटी से संबद्ध कर दिया गया था। इस नोटिफिकेशन से खफा पानीपत के कुछ कॉलेज कोर्ट पहुंच गए थे। इसके बाद कोर्ट ने इस नोटिफिकेशन में स्टे लगाते हुए पुराने नोटिफिकेशन को ही लागू रखा।
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पहले इस तरह से यूनिवर्सिटी से जुड़े थे कॉलेज
दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल से सोनीपत के सभी 24 इंजीनियरिंग कॉलेज जुड़े हुए थे। सोनीपत के सभी बीएड कॉलेज को चौ. रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी जींद से जोड़ा हुआ था। वहीं सोनीपत के सभी महिला कॉलेज एमडीयू रोहतक से जोड़े गए थे। वहीं पानीपत के इंजीनियरिंग और महिला कॉलेज कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से जुड़े थे। जबकि बीएड कॉलेजों को जींद यूनिवर्सिटी से जोड़ा हुआ था।

जुलाई में सरकार ने जारी किया था नोटिफिकेशन
सरकार ने जुलाई 2017 में एक नोटिफिकेशन जारी किया था। उस नोटिफिकेशन के अनुसार सोनीपत के साथ ही पानीपत के 7 इंजीनियरिंग कॉलेज भी मुरथल यूनिवर्सिटी के अधीन कर दिए गए। सोनीपत और पानीपत के सभी 60 बीएड कॉलेजों को जींद यूनिवर्सिटी से हटाकर मुरथल यूनिवर्सिटी से जोड़ दिया गया। वहीं कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से जुड़े पानीपत के महिला कॉलेज और एमडीयू से जुड़े सोनीपत के महिला कॉलेजों को बीपीएस महिला यूनिवर्सिटी खानपुर से जोड़ा गया था। इस तरह महिला यूनिवर्सिटी के पास दर्जनों कॉलेज हो गए थे।

पानीपत के कॉलेज लाए स्टे तो पुरानी यूनिवर्सिटी से जुड़े
सरकार के नोटिफिकेशन जारी करने के बाद पानीपत के चार इंजीनियरिंग कॉलेज कोर्ट में चले गए थे। जिन्होंने अपने कॉलेज को मुरथल यूनिवर्सिटी से जोड़ने पर आपत्ति जताई थी। कोर्ट ने सरकार के नोटिफिकेशन के आधार पर यूनिवर्सिटी से कॉलेज जोड़ने पर स्टे जारी कर दिया था। स्टे जारी होते ही सभी कॉलेज फिर से कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से जुड़े गए। इस तरह ही बीपीएस महिला यूनिवर्सिटी के साथ हुआ, जिससे कॉलेज जोड़ने पर पानीपत का एक महिला कॉलेज स्टे लेकर आ गया। उसके बाद सोनीपत के महिला कॉलेजों को एमडीयू और पानीपत के कॉलेजों को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से जोड़ा गया।

अब फिर बदली यूनिवर्सिटी, विद्यार्थियों के लिए परेशानी
इस मामले में कोर्ट का आदेश आया है कि सरकार की ओर से जुलाई में जारी नोटिफिकेशन से कोई परेशानी नहीं है। इसलिए सरकार ने जिस तरह से कॉलेजों को यूनिवर्सिटी से जोड़ा था, वह उसी तरह से रहेंगे। इनमें वह कॉलेज अभी पुरानी यूनिवर्सिटी से जुड़े रहेंगे, जिन्होंने कोर्ट में केस डाला हुआ है। इस तरह से सोनीपत और पानीपत के महिला कॉलेज फिर से खानपुर यूनिवर्सिटी से जुड़ गए है। इनके अलावा सोनीपत व पानीपत के इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ ही दोनों जिलों के बीएड कॉलेज भी मुरथल यूनिवर्सिटी से जुड़ गए है। इसमें विद्यार्थियों को सबसे बड़ी परेशानी यह हो गई है कि कोर्ट के स्टे लगाए जाने तक भले ही क्लास शुरू नहीं हुई हो। लेकिन इस समय पहले एमडीयू, जींद और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी का सिलेबस पढ़ रहे थे। अब उनको खानपुर व मुरथल यूनिवर्सिटी की परीक्षा देनी है तो वह ऐसे किस तरह से बदले स्लेबस से परीक्षा दे सकेंगे।

जिन पानीपत के इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ ही सोनीपत व पानीपत के बीएड कॉलेजों को यूनिवर्सिटी से जोड़ा गया था। उनपर बीच में स्टे आ गया था, लेकिन अब नए आदेश के तहत उनको फिर से हमारी यूनिवर्सिटी से जोडने की बात सामने आई है। अब हम प्रयास करेंगे कि जिस सिलेबस को विद्यार्थियों ने पढ़ा है, उसी के आधार पर परीक्षा कराई जाए। इसके लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन से बात की जाएगी और इसका प्रयास किया जाएगा।
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एमएस धनखड़, परीक्षा नियंत्रक, मुरथल यूनिवर्सिटी

मीरपुर यूनिवर्सिटी में व्यस्त होने के कारण अभी खानपुर यूनिवर्सिटी में जाकर आदेश नहीं देखा है। मीरपुर यूनिवर्सिटी के कॉलेज वापस आ गए है और यह हो सकता है कि वहां के कॉलेज भी वापस आ गए हो, लेकिन इस बारे में आदेश मिलने के बाद ही स्थिति साफ कर सकूंगा।
एसपी बंसल, खानपुर महिला यूनिवर्सिटी
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