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वीआईपी सड़क ठीक होने पर भी 3.5 करोड़ खर्च, आम लोगों की सड़क पर फूटी कौड़ी नहीं

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अमर उजाला ब्यूरो
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सोनीपत/राई। विकास कार्य कराने में किस तरह से आम लोगों के साथ भेदभाव किया जाता है, इसका बड़ा नजारा यहां देखने को मिला है। जिस नेशनल हाइवे 334बी पर चलने में लोगों को जाम से जूझने के साथ ही अपनी जान तक गंवानी पड़ रही है। उसपर फूटी कौड़ी तक खर्च नहीं की गई है, जबकि सोनीपत से मुरथल तक की वीआईपी सड़क ठीक होने के बावजूद दोबारा बनाकर 3.5 करोड़ रुपये खच़ कर दिए गए। इस सड़क से होकर ही मंत्री, सांसद व अधिकारी चंडीगढ़ तक जाते है और चंडीगढ़ से आने वाले अधिकारी भी इस सड़क से आते है। पीडब्ल्यूडी के इस तरह से काम करने के कारण कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे है और यह सवाल आम लोगों ने उठाए है।
नेशनल हाईवे के हालात खराब
जिले में इस समय नेशनल हाईवे 334बी पर बहालगढ़ से यूपी बार्डर तक की सड़क सबसे ज्यादा खराब है। इस सड़क पर हजारों गड्ढे हैं, जो 2 फुट तक गहरे हैं। इन गड्ढों के कारण ही एक सप्ताह पहले तीन दिन तक लगातार जाम लगा रहा था। यह 28 किमी दूर यूपी के बागपत तक पहुंच गया था। नेशनल हाईवे में गड्ढे होने के कारण दुर्घटनाएं भी बढ़ गई हैं। मंगलवार की रात को भी एक युवक की जान चली र्ग। इस सड़क से कोई भी मंत्री या अधिकारी नहीं गुजरता है, इसलिए इसके गड्ढे तक नहीं भरे जा रहे हैं।
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वीआईपी सड़क पर अफसर मेहरबान
नेशनल हाईवे में गहरे-गहरे गड्ढे होने के बावजूद उनको भरा तक नहीं जा रहा है। वहीं, सोनीपत से मुरथल तक की सड़क में एक भी गड्ढा नहीं होने के बावजूद पीडब्ल्यूडी ने उसे दोबारा बना दिया है। उस पर विभाग ने 3.5 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि उस सड़क से सेक्टर-14 और 15 से होते हुए सीधे मुरथल नेशनल हाईवे-1 पर पहुंचा जाता है। इस सड़क से होकर ही मंत्री कविता जैन और अधिकारियों को चंडीगढ़ जाना पड़ता है। सांसद रमेश कौशिक भी घर के नजदीक होने के कारण उसी सड़क से दिल्ली जाते हैं।

सोनीपत से मुरथल तक सड़क बनाने के लिए 3.5 करोड़ रुपये का खर्च हुए हैं। य िसड़क 2011 में बनी थी। यह भारी वाहनों के आवागमन के कारण दबनी शुरू हो गई थी। इस बारिश के मौसम में आशंका थी कि यह सड़क धंस जाएगी। इस कारण ही इसे दोबारा बनाया गया है। बहालगढ़ से यूपी बार्डर तक की सड़क के गड्ढों को भरा जा रहा है।
विकास रंगा, एक्सईएन

बहालगढ़ से यूपी बार्डर तक सड़क पूरी तरह से खराब है। इसमें गहरे-गहरे गड्ढे हो चुके है। इसके बावजूद अधिकारी इसे ठीक नहीं कर रहे है, जबकि यहां गड्ढों के कारण रोजाना जाम लगता है और उसमें गांव के लोगों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ती है।
नंदलाल निवासी बहालगढ़

सड़क में पहले छोटे गड्ढे थे, लेकिन बारिश के बाद वह गड्ढे पानी भरने से बड़े और गहरे हो गए हैं। वहां से वाहनों को निकलना मुश्किल है। इनमेें वाहन फंस जाते है। इससे यहां सबसे ज्यादा जाम की समस्या रहती है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी बहालगढ़ के लोग झेल रहे है।
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दिलबाग निवासी बहालगढ़

इस सड़क पर कई दिन तक लगातार जाम लगा रहा और हम अपने ही गांव में कैद हो गए। अधिकारी भी सड़क के गड्ढे तक नहीं भरवा रहे है, जबकि दूसरी जगहों पर काफी अच्छी सड़क बनाई जा रही है। क्योंकि वहां अधिकारी खुद रहते है और नेताओं के कारण भी उन जगहों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है।
अमरजीत निवासी बहालगढ़
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