सोनीपत। पटवारियों और कानूनगो की हड़ताल के चलते अब तक तहसील कार्यालयों में 1200 रजिस्टि्रयां नहीं हो सकीं। साथ ही 5490 इंतकाल लंबित होने से लोग पटवारियों और तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की रजिस्ट्री प्रक्रिया ठप है। सोमवार को तहसील परिसरों में कन्वेंस डीड व ट्रांसफर डीड की 81 रजिस्ट्री हो सकीं। हड़ताल से पहले करीब 300 रजिस्ट्री हो जाती थीं। सरकार की ओर से सुनवाई न किए जाने के चलते रोजाना 17 करोड़ के राजस्व को नुकसान हो रहा है। अब तक 125 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।
दि रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर जिले में 79 पटवारी व 20 कानूनगो हड़ताल पर हैं। जिसकी वजह से राजस्व विभाग के काम प्रभावित हो रहे हैं। इससे पहले अपनी लंबित मांगों को लेकर कानूनगो व पटवारी 26 दिसंबर, 2022 को हड़ताल पर चले गए थे। जिला प्रधान सन्नी दहिया ने बताया कि लघु सचिवालय में तीन दिवसीय हड़ताल के बाद भी सरकार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो एसोसिएशन ने अपनी हड़ताल को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया था।
वहीं सरकार को भी करोड़ों के राजस्व का घाटा झेलना पड़ रहा था। इस स्थिति को देखते हुए 4 जनवरी 2023 को सरकार ने यूनियन पदाधिकारियों से बातचीत कर 26 जनवरी 2023 तक मांगों को लेकर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया था। जिसके बाद कानूनगो व पटवारियों ने अपनी हड़ताल स्थगित कर दी थी। जिला प्रधान ने बताया कि सरकार की ओर से उनकी किसी भी मांग को पूरा नहीं किया गया। जिसके चलते 3 जनवरी से दोबारा हड़ताल करने के लिए उन्हें मजबूर किया गया।
हड़ताल के चलते तहसील परिसरों में रजिस्ट्री प्रक्रिया जारी रही। रजिस्ट्री प्रक्रिया पर काफी असर पड़ गया है। पहले रोजाना 300 रजिस्ट्री हो जाती थी और अब संख्या 100 से भी कम हो गई है। जमीन की फर्द पर पटवारियों की ओर से हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे। पटवारी के हस्ताक्षर सहित फर्द रजिस्ट्री के लिए एक सप्ताह तक वैध होती है। हड़ताल के चलते ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की रजिस्ट्री रुक गई। जिसके चलते सोमवार को कन्वेंस डीड व ट्रांसफर डीड की 81 रजिस्ट्री हुई। राजस्व विभाग में करीब 45 हजार फाइलें लंबित हैं। इंतकाल, फर्द, वसीयतनामा, नक्शे, जाति, आय, रिहायशी व अन्य तरह के प्रमाणपत्र नहीं बन पाए। इसके अलावा जमीन पैमाइश, भूमि रिकॉर्ड, फसलों का सत्यापन आदि के कार्य नहीं हुए।
इंसेट
अंतिम तिथि तक कृषि यंत्रों के लिए नहीं किए जा सके आवेदन
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने वर्ष 2023-24 के दौरान कृषि यंत्रीकरण पर उप-मिशन (एसएमएएम) व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) के तहत 40 से 50 फीसदी अनुदान राशि पर 32 तरह के कृषि यंत्र देने हैं। लघु एवं सीमांत श्रेणी के किसान वर्ग को अनुदान पर कृषि यंत्रों का लाभ लेने के लिए पटवारी की रिपोर्ट अनिवार्य है। पटवारखाने में जमीन से संबंधित काम कराने आए लोगों को बिना काम करवाए घर लौटना पड़ रहा है। जमीन पैमाइश, भूमि रिकॉर्ड, फसलों का सत्यापन आदि के कार्य नहीं हो रहे। अंतिम तिथि 15 जनवरी को भी कृषि यंत्रों के लिए इच्छुक किसान अपना आवेदन नहीं करा सके।
रजिस्ट्री पर एक नजर
तहसील रजिस्ट्री हुई
सोनीपत 30
खरखौदा 3
गोहाना 8
गन्नौर 2
राई 38
खानपुर कलां -
वर्जन
पटवारियों व कानूनगो की हड़ताल के चलते रोजाना 18 करोड़ से कम राजस्व मिल रहा है। फर्द पर पटवारियों के हस्ताक्षर न होने के कारण ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की रजिस्ट्री पूरी तरह से रुक गई है। साथ ही अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।- हरिओम अत्री, जिला राजस्व अधिकारी, सोनीपत