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Sonipat News: 15 दिन में 12 सर्पदंश से पीड़ित आ चुके, एंटी स्नेक वेनम से किया उपचार

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फोटो 28- सोनीपत के गांव मंडोरा निवासी कर्मबीर। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। मानसून सीजन में सर्पदंश में मामले बढ़ रहे हैं। 15 दिन में अब तक 12 सर्पदंश से पीड़ित जिला नागरिक अस्पताल में पहुंच चुके हैं। चिकित्सक की ओर से एंटी स्नेक वेनम से उपचार किया जा रहा है। सर्पदंश से पीड़ित को अस्पताल में 12 से 2 घंटे तक चिकित्सक अपनी निगरानी में भर्ती कर रहे हैं। चिकित्सक का कहना है कि सर्पदंश का इलाज झाड़-फूंक नहीं, बल्कि एंटी स्नेक वेनम हैं। अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर लोग जान से खिलवाड़ न करें।
फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र राणा ने बताया कि सर्पदंश के मरीज झाड़-फूंक में काफी समय बर्बाद कर देते हैं। अंतिम समय में मरीजों को लेकर अस्पताल लाया जाता है। देरी होने से मरीजों की जान पर जोखिम रहता है। सर्पदंश के शिकार मरीजों को बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए, ताकि समय रहते मरीजों का समुचित इलाज हो सके। जहरीले सांप के डंसने से मरीज के शरीर में रक्त सप्लाई करना बंद कर देता है। ऐसे में मरीज को आईसीयू की जरूरत पड़ती है।
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24 साल में 72 बार सांप ने मारा डंक, अब शरीर होने लगा कमजोर
खरखौदा। कहावत है सांप का डसा पानी भी नहीं मांगता, लेकिन गांव मंडोरा में एक व्यक्ति ने इस कहावत को ही गलत साबित कर दिया है। 44 वर्षीय कर्मबीर को 24 साल में 72 बार सांप डंक मार चुके हैं। इसके बाद वह कुछ दिन बीमार रहते हैं, फिर स्वस्थ होकर काम पर लग जाते हैं। यह वाक्या जहां क्षेत्र में कौतुहल का विषय बना हुआ है, वहीं कर्मबीर भी इससे छुटकारा पाने के लिए उपाय ढूंढ रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा। श्रमिक ने सीएम विंडो पर शिकायत देने के बाद अब समाधान शिविर का रुख किया है। जहां एसडीएम श्वेता सुहाग ने हैरान करने वाली शिकायत को सिविल सर्जन के पास भेजते हुए कार्रवाई करने की बात कही है।
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सांप के डसने पर करें ये काम

- जहां सांप ने डंक मारा हो, उससे आधा फीट ऊपर बंध लगाएं, वहां ब्लेड से तुरंत कट लगा दें

- बिल्कुल न घबराएं

- अस्पताल पहुंचकर एंटी स्नैक वेनम लगवाएं
वर्जन
एंटी स्नेक वेनम की कमी नहीं है। सर्पदंश से पीड़ित मरीजों का इलाज संभव है। लोगों को सर्पदंश के बाद छह घंटे के अंदर अस्पताल में आना बहुत जरूरी है। देरी करने पर मरीज की जान पर खतरा बन सकता है।
डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन, सोनीपत
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