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शुगर मिल में टरबाइन में आई खराबी, सात घंटे पेराई रुकने पर किसानों ने किया हंगामा

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टरबाइन में खराबी से शुगर मिल में सात घंटे छप रही गन्ना पेराई, किसानों ने किया हंगामा
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अमर उजाला ब्यूूरो
सोनीपत। शुगर मिल में मंगलवार सुबह गन्ना पेराई करते समय टरबाइन मशीन में अचानक खराबी आ गई। जिससे करीब सात घंटे तक पेराई बंद रही। मशीन में लगातार खराबी आने के कारण गन्ना पेराई नहीं होने से परेशान किसानों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया और मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने में घपले का आरोप लगाया। पेराई रुकने से मिल में गन्ने से भरी ट्रालियों की लाइन लग गई। मशीन को ठीक करने में मिल कर्मचारी जुटे रहे, सुबह 11 बजे मशीन ठीक करने के बाद मिल को चालू किया गया, तब जाकर किसानों को राहत मिल सकी।
सोनीपत शुगर मिल की पेराई क्षमता पिछले सत्र तक केवल 1600 टन प्रतिदिन थी, जिसे बढ़ाकर 2200 टन किया गया है। मिल की पेराई क्षमता बढ़ाए जाने के लिए मशीनों को बेहतर किया गया था तो वहां मशीनें भी बदली गई थीं। मिल की पेराई क्षमता बढ़ाए जाने के बाद सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर से शुभारंभ जरूर करा लिया गया, लेकिन उसके बाद से शुगर मिल केवल दो माह में 15 से ज्यादा बार बंद हो चुका है। इस कारण ही किसान लगातार मिल की क्षमता बढ़ाए जाने में घपला होने का आरोप लगा रहे हैं। जिसकी शुगर फेड के चेयरमैन ने जांच भी शुरू करा दी है। इसके बावजूद हालात नहीं सुधर रहे हैं। शुगर मिल की टरबाइन में मंगलवार सुबह करीब चार बजे अचानक खराबी आ गई। जिसके चलते गन्ना पेराई का कार्य बंद हो गया। जिससे वहां गन्ना लेकर पहुंचे किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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किसान अमित, अशोक, रियाज हुसैन, अनिल, नरेंद्र, बिजेंद्र, रामदत्त ने आरोप लगाया कि एडीसी के नेतृत्व में मिल के क्षमता बढ़ाने में हुए घपले की जांच शुरू हुई थी, वह जांच अभी ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। मिल के अंदर तौल करते समय वजन काटा जा रहा है। मिल के अंदर रेस्ट हाउस में सफाई की व्यवस्था नहीं है। आरओ सिस्टम खराब पड़ हुआ है। मिल प्रबंधन की ओर से किसानों की अनदेखी की जा रही है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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