एसवाईएल को लेकर पंजाब की जेल भरे विपक्ष : डॉ. डीपी वत्स
अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना। राज्यसभा सांसद जनरल डॉ. डीपी वत्स ने कहा कि एसवाईएल नहर को लेकर कांग्रेस व इनेलो नेता महज राजनीति चमका रहे है। पूर्व की सरकारों के पंजाब के मुख्यमंत्रियों से भी अच्छे संबंध रहे हैं। तब उन्होंने एसवाईएल का पानी लाने को प्रयास तक नहीं किए। हरियाणा में एसवाईएल को लेकर प्रदर्शन करने की पंजाब में जाकर प्रदर्शन कर वहां जेल भरनी चाहिए। साथ ही उन्होंने का कि प्रदेश के सभी दल साथ आएं तो नहर खुदवाने में सबसे आगे भाजपाई ही होंगे।
वह रविवार को सोनीपत मार्ग स्थित सरकारी विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एसवाईएल को लेकर महज भाषण दिया जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व अमेंद्र सिंह तथा पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला व प्रकाश सिंह बादल के अच्छे संबंध थे, तब नहर का पानी हरियाणा में क्यों नहीं लेकर आए। यह महज दिखावा है। सांसद ने कहा कि खापों को ऑनर किलिंग को लेकर अपनी सोच बदलनी चाहिए। अगर देश में कन्या भ्रूण हत्या कम होगी तो बेटियों की संख्या बढ़ जाएगी। प्रदेश में करीब ढाई लाख लड़कियां बंगाल व अन्य प्रदेशों से लाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पहले पाकिस्तानी सेना कहती थी कि हमारी जेब में ऑर्डर है और तुम्हें दिल्ली से ऑर्डर लेना पड़ेगा। लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दुश्मन व पत्थरबाज सेना के आगे-आगे भाग रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हरियाणा पर प्यासा मारने का आरोप लगा रहे है, जबकि दिल्ली को पर्याप्त पानी दिया जा रहा है। हिंदुस्तान की कमजोरी को चाइना व पाकिस्तान जानता है। यहां पर भाई भतीजावाद, क्षेत्रवाद, जातिवाद ही सबसे बड़ी कमजोरी है। विपक्ष द्वारा खोदे गए 50 साल में गड्ढों को चार साल में भर पाना मुश्किल है, ऐसे में भाजपा को प्रदेश की जनता एक मौका ओर दें। उन्होंने कहा कि सांसद राजुकमार सैनी से पार्टी को नुकसान भी है और फायदा भी है। बोलने का सबका अधिकार है। इस मौके पर सांसद रमेश कौशिक, डॉ. ओमप्रकाश शर्मा, बलराम कौशिक, गुलशन विरमानी, इंद्रजीत विरमानी, परमवीर सैनी, विजेंद्र सैनी, कर्मबीर शर्मा मौजूद रहे।
एपी माजरा से पुराना नाता : सांसद डॉ. डीपी वत्स ने कहा कि गांव अहमदपुर माजरा से उनका पुराना नाता है और इस गांव से उनके कई पीढ़ियों का नाता रहा है। उन्होंने यहां पर दादा बासु स्वर्ण जयंती पार्क, उनकी प्रतिमा, सभागार व पार्क का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने पौध रोपण भी किया।