अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। कारगिल शहीद की पत्नी का आधार कार्ड के बिना हॉस्पिटल में उपचार नहीं करने पर मौत होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जहां शहीद के बेटे ने साफ कहा है कि ऐसे हॉस्पिटल के कारण किसी को अपनी मां न खोनी पड़े, इसलिए कार्रवाई जरूर होनी चाहिए। वहीं विधायक से लेकर अन्य नेताओं ने हॉस्पिटल का विरोध शुरू कर दिया है और इस मामले में हॉस्पिटल पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तक करने की चेतावनी दी है। वहीं सीएम के आदेश मिलते ही डीसी ने हॉस्पिटल के खिलाफ जांच शुरू करा दी है और डीसी ने साफ कहा है कि यह जांच खुद उनकी देखरेख में होगी। इस तरह अमानवीय कृत्य करने वाले हॉस्पिटल पर शिकंजा भी कसता दिख रहा है।
गांव महलाना निवासी कारगिल शहीद लक्ष्मण दास की पत्नी शंकुतला को बीमार होने के चलते दिल्ली रोड स्थित हॉस्पिटल में ले जाया गया था। उनका बेटा पवन बाल्याण अपने साले के साथ मां को लेकर हॉस्पिटल पहुंचा था। जहां हॉस्पिटल प्रबंधन ने उनसे आधार कार्ड की मांग की थी। आधार कार्ड की कॉपी मोबाइल में होने व जल्द मुहैया कराने के आश्वासन के बावजूद शहीद की पत्नी को हॉस्पिटल में दाखिल नहीं किया गया। शहीद का बेटा अपनी मां के इलाज के लिए गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन उसके बावजूद हॉस्पिटल प्रबंधन अपनी जिद पर अड़ा रहा। पवन ने आरोप लगाया था कि उसके पास आधार कार्ड को छोडकऱ सभी कागजात थे फिर भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। इस दौरान अस्पताल में उंची आवाज में बोलने पर पुलिस को बुलवा लिया गया था। पुलिस ने भी उसे ही चुप रहने को कहा था। जिसके चलते उसे अपनी मां को वापस लेकर जाना पड़ा था और दूसरे हॉस्पिटल में भर्ती कराने से पहले ही उसकी मां की मौत हो गई थी। शहीद के बेटे पवन के दिल में मां को खोने का बड़ा दर्द है और वह केवल इसलिए हॉस्पिटल पर कार्रवाई की मांग चाहता है कि वहां फिर से किसी को अपनी मां न खोनी पड़े। पवन ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि उसकी हॉस्पिटल से कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन जिस तरह से हॉस्पिटल में डॉक्टरों की मानवता मर चुकी है, उसको देखते हुए वह न्याय के लिए लड़ाई जरूर लड़ेगा। उसने बताया कि रविवार को उसकी मां की तेरहवीं है और इसके बाद वह खुद भी लिखित में अधिकारियों को शिकायत देगा।
राजनीति दलों ने खोला हॉस्पिटल के खिलाफ मोर्चा
शहीद की पत्नी की इस तरह मौत होने से देश का सिर शर्म से झुक गया है। बीजेपी सरकार के कार्यकाल में शहीद की पत्नी की जान से ज्यादा आधार कार्ड की फोटोकापी का महत्व है। जिस प्रकार शहीद का बेटा अपनी मां के ईलाज के लिए गिड़गिड़ाता रहा और पुलिस व हॉस्पिटल प्रशासन ने परिजनों को इलाज करने की बजाय धमकाकर अमानवीय कार्य किया। इस पूरे मामले को इनेलो विधानसभा व लोकसभा में उठाएगी। अगर सरकार के अंदर शहीदों के लिए थोड़ा भी सम्मान बचा हुआ है तो हॉस्पिटल के खिलाफ जांच की जगह तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
पदम सिंह दहिया, जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक इनेलो
शहीद की पत्नी की मौत के मामले में पूरी तरह से हॉस्पिटल की लापरवाही है। सेना के पैनल में होने के कारण शहीद की पत्नी के इलाज में हॉस्पिटल प्रबंधन ज्यादा रुपये नहीं खा पाता, इसलिए आधार कार्ड का बहाना बनाकर उसका उपचार नहीं किया गया। अगर उसकी जगह कोई अमीर होता और वहां मोटे रुपये देता तो किसी कागजी कार्रवाई के बिना उपचार शुरू कर दिया जाता। ऐसे हॉस्पिटल के खिलाफ जांच नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसका लाइसेंस तुरंत रद कर देना चाहिए।
जयतीर्थ दहिया, विधायक कांग्रेस
देश की रक्षा करते हुए अपनी जान न्यौछावर करने वाले की पत्नी के साथ हॉस्पिटल ने इस तरह का अमानवीय कृत्य किया है। ऐसे हॉस्पिटल पर तुरंत ताला जड़ देना चाहिए और डॉक्टरों पर एफआईआर दर्ज करके गिरफ्तारी होनी चाहिए। सरकार को जांच के नाम पर मामला लंबा नहीं खींचना चाहिए, बल्कि इसमें सीएम व स्वास्थ्य मंत्री को तुरंत कार्रवाई करानी चाहिए।
विमल किशोर, प्रदेश प्रवक्ता आप
हॉस्पिटल के खिलाफ जांच शुरू: डीसी
सीएम मनोहर लाल खट्टर का मामले में बयान आया तो डीसी केएम पांडुरंग ने तुरंत ही हॉस्पिटल के खिलाफ जांच शुरू करा दी। डीसी केएम पांडुरंग ने कहा कि कारगिल शहीद की पत्नी का आधार कार्ड के बिना उपचार नहीं करने के जिस हॉस्पिटल पर आरोप लगे है, उसमें जांच शुरू कराई गई है। इस मामले में वह अपनी देखरेख में जांच कराएंगे। इसमें जांच के बाद जिस तरह की बात सामने आएगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।