स्वर्ण जयंती पार्क के निर्माण में घपला : नप पार्षद के भाई अनिल निंबडियां को आरटीआई से
एक ई-टॉयलेट लगवाकर दो कंपनियों को किया 8.62 लाख का भुगतान
अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना। शहर के देवीनगर में नगर परिषद की ओर से रेलवे की जमीन पर बनाए गए स्वर्ण जयंती पार्क को लेकर बड़ा घपला सामने आया है। पार्षद सुनील निंबडियां के भाई अनिल की ओर से आरटआई लगाने के बाद मिले कागजों के आधार पर यह खुलासा हुआ है। पार्क के निर्माण में घपले को लेकर ही शुक्रवार को कई पार्षदों ने सबूत दिखाते हुए हंगामा।
चेयरपर्सन रजनी विरमानी के विपक्षी पार्षद अन्नु दिलावर के ससुर सत्यवान, सुनील निंबड़िया, सुजीता दांगी, आशा जैन, वाइस चेयरपर्सन राजेश देवी पांचाल के बेटे मोहन पांचाल व जगबीर पांचाल ने कहा कि नगरपरिषद की ओर से रेलवे की जमीन पर स्वर्ण जयंती पार्क का निर्माण किया था। इस पार्क के निर्माण कार्य पर 1 करोड़ 75 लाख रुपये खर्च किए गए थे। पार्षदों ने कहा कि आरटीआई से मिली जानकारी को देखकर लगभग एक करोड़ रुपये का घपला होने का अंदेशा है, जिसकी पार्षदों ने उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। पार्षदों ने आरटीआई से मिली जानकारी के साथ ही पार्क की मौजूदा स्थिति को दिखाया।
नप ने 5100 रुपये के हिसाब से पार्क में 30 बैंच लगवाना अपने रिकार्ड में दिखाया है, वहीं पार्क में केवल 8 बेंच रखे मिले। जबकि इसका पूरा भुगतान भी 1.53 लाख रुपये किया जा चुका है। पार्क में एक ई-टॉयलेट लगवाया गया है, जिसका दो बार भुगतान किया गया है। एक बार सुनील ठेकेदार को 5 लाख रुपये और दूसरी बार जय बाबा गंगा दास सोसायटी को 3.62 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। पार्क में ट्यूबवेल आपॅरेटर के लिए कमरा बनाकर 10 लाख 4 हजार 90 रुपये का भुगतान कागजों में दिखाया गया है, जबकि पार्क में कोई कमरा ही नहीं बना है। पार्क में हैलोजन लैंप वाली लाइट की 8 लाख रुपये की पेमेंट हो चुकी है, लेकिन पार्क में पोल पर लाइट ही नहीं है। पार्क में 12 हजार रुपये प्रति पौधे के हिसाब से डेट पाम के 30 पौधे लगवाकर 3.60 लाख रुपये व बॉटल पॉम के 100 पेड़ों के लिए 4500 रुपये के हिसाब से 4.5 लाख रुपये भुगतान किया गया है। जबकि वहां पौधे बहुत कम लगे है। पार्षदों ने आरोप लगाया कि पार्क में एक समाज सेवी ने वॉटर कूलर के अलावा पानी की टंकी व फिटिंग कराई थी, लेकिन उसका भी भुगतान किया हुआ दिखाया गया है। पार्षदों ने इन सभी की जांच कराए जाने की मांग उठाई है।
विपक्षी पार्षदों को शहर का विकास हजम नहीं हो रहा है। जिसके चलते अनाप-शनाप आरोप लगा रहे है। पार्क में जितना कार्य हुआ है, उसका केवल 70 लाख रुपये का भुगतान हुआ है। जिस भी एजेंसी से जांच करा ले, मैं जांच के लिए तैयार है।
रजनी विरमानी, नप चेयरपर्सन।