फिजिक्स टीचर नहीं होने और स्कूल भवन जर्जर होने से नौ बच्चों ने कटवाया नाम
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। मलिकपुर गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक फिजिक्स का कोई शिक्षक नहीं है और स्कूल की बिल्डिंग भी पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। स्कूल भवन के कई कमरों की छत गिर चुकी है। यहां के हालात नहीं सुधरने के कारण बच्चों ने नाम कटवाना शुरू कर दिया है। एक महीने के अंदर ही नौ बच्चों ने अपने नाम कटवा लिए हैं। इस तरह बच्चों के स्कूल छोड़ने के बाद भी स्थिति नहीं सुधर रही है। अभी जो बच्चे बचे हैं उन्हें बरामदे में और बाहर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
मलिकपुर गांव के सरकारी स्कूल को सरकार ने वर्ष 2013 में अपग्रेड किया गया था। इस समय यहां 450 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। वहीं स्कूल की बिल्डिंग को वर्ष 2014 में लोक निर्माण विभाग ने कंडम घोषित कर दिया था, क्योंकि उस बिल्डिंग का निर्माण वर्ष 1952-60 के बीच हुआ था। चार साल पहले कंडम घोषित बिल्डिंग में ही बच्चों को शिक्षा दी जाती थी, लेकिन कंडम बिल्डिंग के दो कमरों की एक महीने पहले छत गिर गई। इसके बाद छात्र-छात्राओं के साथ ही शिक्षक भी दहशत में आ गए बरामदे व मैदान में पढ़ाई शुरू कर दी है। इसके अलावा दो महीने पहले स्कूल से फिजिक्स की शिक्षिका सुमन का तबादला झज्जर में कर दिया गया था। उसके बाद से किसी नए शिक्षक की तैनाती नहीं की गई है। स्कूल के इस तरह के हालात होने के बाद सुधार नहीं होता देख अभिभावकों ने अपने बच्चों के नाम कटवाने शुरू कर दिए हैं। वहां पिछले एक महीने के अंदर ही इस कारण 6 छात्रों के नाम 11वीं से कटवाए गए तो 12वीं के तीन छात्रों ने स्कूल छोड़ दिया। इस तरह स्कूल में छात्र-छात्राओं की संख्या कम होनी शुरू हो गई है और स्कूल की स्थिति को जल्द ही नहीं सुधारा गया तो वहां शायद ही अभिभावक अपने बच्चों को पढने के लिए भेजे।
स्कूल का निरीक्षण करके भूल गए अफसर
मलिकपुर गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की बिल्डिंग चार साल पहले कंडम घोषित किए जाने के बावजूद खूब अनदेखी हो रही है। कंडम बिल्डिंग में विद्यार्थी भय के साए में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। एक महीने पहले तेज बारिश के दौरान कंडम बिल्डिंग में 12वीं कक्षा के कमरे की छत गिर गई थी। उस समय सभी बच्चे प्रार्थना में गए हुए थे। उसके साथ ही बिल्डिंग के बरामदे की कड़ी भी टूट गई थी। उस समय डीईओ ने खुद भी मुआयना किया, लेकिन उसके बाद भी हालात नहीं सुधर सके हैं।
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स्कूल छोड़कर तीन किमी दूर जाकर पढ़ रहे छात्र
मलिकपुर गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से नाम कटवाने वाले छात्रों को शिक्षक नहीं होने पर अपने भविष्य की चिंता होने लगी थी, वहीं जर्जर बिल्डिंग में हादसे का डर रहता था। जिससे स्कूल से नाम कटवाकर छात्रों ने ताजपुर गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ना शुरू कर दिया है। वह स्कूल तीन किमी दूर पड़ता है, लेकिन बच्चे अपने भविष्य को देखते हुए तीन किमी दूर जाकर भी पढ़ रहे हैं।
स्कूल में फिजिक्स का लेक्चरर नहीं है, जिससे ग्यारहवीं व बारहवीं के छात्रों को फिजिक्स की पढ़ाई में दिक्कत आ रही है। इसलिए ही नौ छात्रों ने स्कूल छोड़ा है। इसके लिए उच्च अधिकारियों से बात की गई है। स्कूल का भवन जर्जर हो रहा है, जिसे बेहतर कराया जा रहा है।- इंदुबाला, प्रिंसीपल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मलिकपुर
मलिकपुर के स्कूल का भवन जर्जर हो चुका है और उसको दोबारा से बनवाया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। छात्रों के स्कूल छोड़ने का मामला संज्ञान में आया है, सही कारणों का पता कराया जा रहा है। शिक्षकों की कमी को दूर कराया जाएगा और छात्रों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी।- जिले सिंह, डीईओ