अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
मुरथल स्थित बीयर फैक्टरी में पुलिस की छापामार कार्रवाई के दौरान बरामद हुई शराब को लेकर आबकारी और पुलिस विभाग आमने-सामने आ गए हैं। जहां आबकारी विभाग की तरफ से दावा किया गया कि शराब को उनकी टीम ने पकड़ा था। वहीं, पुलिस का कहना है कि अगर शराब आबकारी विभाग ने पकड़ी थी तो उसे प्राइवेट फैक्टरी में क्यों रखा गया। जबकि पहले आबकारी विभाग शराब को थानों के अंदर लेकर आता था। साथ ही राई क्षेत्र से पकड़ी गई शराब को मुरथल में ही क्यों ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी आबकारी निरीक्षक की गिरफ्तारी के बाद ही इस मामले की गुत्थी पूरी तरह से सुलझ सकती है।
मुरथल थाना पुलिस को रविवार रात सूचना मिली थी कि मुरथल स्थित बीयर फैक्टरी में अवैध रूप से शराब की पांच गाड़ियों को खड़ा किया गया है। शराब को मिलावट के लिए लाया गया है। आबकारी विभाग के निरीक्षक पवन कुमार भी गड़बड़ी में शामिल है। उन्होंने शराब से भरी दो गाड़ियों को यहां से निकाल कर दूसरे स्थान पर भेज दिया है। इस पर एसआई राकेश के नेतृत्व में छापामार कार्रवाई कर पांच गाड़ियों में भरी गई 552 पेटी पव्वे और 29 पेटी बोतल बरामद की थी। फैक्टरी कर्मियों की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया था। पुलिस ने मामले में आबकारी निरीक्षक पवन, फैक्टरी के जीएम व अन्य के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था।
दोनों विभाग हुए आमने-सामने
पकड़ी गई शराब को लेकर आबकारी व पुलिस विभाग आमने-सामने आ गए हैं। एक तरफ आबकारी विभाग स्वयं को पाक-साफ साबित करने में लगा है, वहीं पुलिस की तरफ से कई सवाल उठाए गए हैं। इससे आबकारी विभाग की भूमिका को कठघरे में खड़ा किया गया है। आबकारी विभाग के आला अधिकारी कह रहे हैं कि शराब को आबकारी विभाग की टीम ने 16 जून को एचएसआईआईडीसी राई से पकड़ा था। शराब की 805 पेटी पांच गाड़ियों में भरी हुई थी। वहीं, पुलिस का दावा है कि फैक्ट्री में पांच गाड़ियों में भरी गई 581 पेटी शराब मिली है। दो गाड़ियों को रात को ही कहीं अन्य जगह आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों ने भेजा है।
आबकारी विभाग ने पकड़ी थी शराब : सुशील
डीईटीसी सुशील गौड़ का दावा है कि पुलिस जिस शराब को फैक्टरी में पकड़ने का दंभ भर रही है, वह आबकारी विभाग की टीम ने 16 जून को राई औद्योगिक क्षेत्र से बरामद की थी। वह शराब को निजी फैक्टरी में खड़ा करने के सवाल पर कह रहे हैं कि उनके विभाग के पास बरामद माल रखने के लिए स्थान नहीं है। इसके चलते ही वहां रखा गया ताकि सुपरदारी कराई जा सके। वह कहते हैं कि टीम ने पांच गाड़ियों में भरी हुई 805 पेटी शराब पकड़ी थी। ऐसे में पुलिस की ओर से महज 581 पेटी पकड़ने पर सवाल खड़ा हो गया है। बाकी शराब कहां गई इसका पता लगाया जाएगा।
निरीक्षक को गिरफ्तार कर पूछताछ करेगी पुलिस : रामबीर
मुरथल थाना प्रभारी रामबीर कहते हैं कि जब शराब को आबकारी विभाग की टीम ने पकड़ा था तो उसे निजी कंपनी में किसलिए रखा गया, जबकि पहले पुलिस थाना में गाड़ियों को लाया जाता रहा है। निरीक्षक की गिरफ्तारी के बाद ही सच्चाई का खुलासा किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि राई क्षेत्र में शराब पकड़े जाने के बाद भी उसे मुरथल बीयर फैक्टरी में ही क्यों रखा गया है। पुलिस इस मामले का जल्द पटाक्षेप करेगी।
फैक्ट्री में पकड़ी गई शराब पर भिड़े आबकारी और पुलिस विभाग
आबकारी एवं कराधान आयुक्त बोले कि राई से पकड़कर फैक्टरी में खड़े किए थे शराब से भरे ट्रक
मुरथल एसएचओ ने कहा कि पहले थाने में लाते थे ट्रक, अब प्राइवेट फैक्टरी में क्यों रखा पकड़ा गया माल
एसएचओ ने आबकारी विभाग को घेरा, निरीक्षक की गिरफ्तारी से पता चलेगा कि कहां गई बाकी शराब