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Sonipat News: जिले में 11 लैब तकनीशियन नियुक्त, टीबी की जांच करवाना होगा आसान

Thu, 21 Sep 2023 09:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। क्षय रोग के मरीजों का उपचार बेहतर किया जाएगा। टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के क्षय रोग शाखा में 11 नए लैब तकनीशियन की नियुक्ति हुई है। उनको अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों में नियुक्त किया गया है।
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राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सरकार ने वर्ष 2025 तक देश को टीबीमुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ ‘निक्षय कार्यक्रम फेज-2’ के तहत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 9 सितंबर 2022 को दिल्ली से किया था। टीबी के मरीजों को बेहतर इलाज व जांच की सुविधा मिले इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 11 नए लैब तकनीशियन की नियुक्ति की गई है।
नौ महीने में टीबी से 80 लोगों की मौत
जिले में 9 माह में टीबी से 80 मरीजों की मौत हुई है। ऐसे में आंकड़ा चिंताजनक है। टीबी से किसी की जान न जाए, इसलिए अब इस बीमारी को जड़ से खत्म करने की तैयारी पर काम शुरू कर दिया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि टीबी के काफी मरीज इलाज में लापरवाही करते हैं। यह लोग दो से तीन माह दवा खाकर छोड़ देते हैं, जिससे इंफेक्शन बढ़ जाता है। मरीज की मौत हो जाती है। ऐसे में टीबी के मरीजों से अपील है कि वह पूरे छह माह तक टीबी की दवा खाएं।
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11 एलटी को इन स्थानों पर तैनात किया
उप सिविल सर्जन ने बताया कि लैब तकनीशियन सुनीता को उपमंडल नागरिक अस्पताल खरखौदा, समुंद्र सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुआं, हिमांशु को जिला नागरिक अस्पताल, रश्मि को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़खालसा, सुमित को बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां, रविंद्र को ईएसआई अस्पताल, हन्नी को जिला क्षय रोग विभाग, मोहित को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गन्नौर, सागर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेगा व हसीना को उपमंडल नागरिक अस्पताल गोहाना में नियुक्त किया गया है।

उप सिविल सर्जन डॉ. तरुण यादव ने बताया कि दो सप्ताह से ज्यादा खांसी, रात के समय में बुखार आना, बलगम में खून आना, वजन का कम होना व रात में सोते समय पसीना आना आदि लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी जांच केंद्र में टीबी की जांच करवाएं। टीबी से पीड़ित मिलने पर मरीज को सरकार की ओर से मुफ्त में दवा उपलब्ध करवाई जाती है। अधिसूचित रोगी का जब तक उपचार चलता है, तब तक प्रतिमाह 500 रुपये वित्तीय सहायता प्रोत्साहन राशि सीधे खाते में भेजी जाती है।


वर्जन
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विभाग में 11 नए लैब तकनीशियनों की नियुक्ति की गई है। अब मरीजों को जांच कराने के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में चक्कर काटने से निजात मिल सकेगी। -डॉ. तरुण यादव, जिला क्षय रोग अधिकारी।
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