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असदपुर नांदनौर की खान पर कसेगा शिकंजा, यमुना में खनन करके जमा नहीं होती पूरी किश्त, ओवरलोड भर रहे ट्रक

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असदपुर नांदनौर की खान पर कसेगा शिकंजा, यमुना में खनन करके जमा नहीं होती रॉयल्टी की पूरी किस्त, ओवरलोड भर रहे ट्रक
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। सरकार का करोड़ों रुपया दबाने के बावजूद यमुना में खनन करने पर बड़ौली व टिकौला की खान सस्पेंड करने के बाद अब असदपुर नांदनौर में कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। असदपुर नांदनौर में यमुना में खनन कर रहे ठेकेदार पर भी रॉयल्टी का करोड़ों रुपया सरकार का बकाया है और वह बड़ा खेल करने में लगा है। वह कोर्ट से किस्त में छूट मिलने के बावजूद निर्धारित की गई किस्त को जमा नहीं करता है और अधिकारियों से सांठगांठ करके कुछ रुपया जमा करके खनन करना जारी रखता है। इसके अलावा तौल कांटा भी नहीं लगाने से ओवरलोड ट्रकों को दौड़ाया जा रहा है। असदपुर नांदनौर की खान का पूरा रिकार्ड खंगाला जा रहा है, जिसके बाद उसपर भी कार्रवाई की तैयारी है। इसके अलावा टिकौला में एक खान बंद कराने के बाद अब दूसरी जगह बोट मशीन लगा दी गई है, जिससे पानी के अंदर गहरे गड्ढे होने पर लोगों की जान का खतरा बढ़ गया है।
सरकार ने यमुना में खनन करने के लिए वर्ष 2015 में पट्टे आवंटित किए थे। जिसके लगभग एक साल बाद ही जेसीबी व पॉकलेन मशीन से खनन करने पर कोर्ट ने रोक लगा दी थी। जिससे कई जगह खनन बंद कर दिया गया और जेसीबी से खनन पर रोक लगाए जाने के बाद कई ठेकेदारों ने हर महीने की पट्टे की किस्त जमा करानी बंद कर दी थी। जिससे बड़ौली, टिकौला व असदपुर नांदनौर के ठेकेदारों पर सरकार का 50 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया हो गया था। असदपुर नांदनौर के ठेकेदार ने इसके बावजूद खनन शुरू कर दिया और उसने हाईकोर्ट में यह कहते हुए याचिका डाली कि मशीनों से खनन नहीं होने के कारण नुकसान हो रहा है। इस कारण वह इतनी किस्त नहीं भर सकता है। जिसके बाद उसकी किस्त को 45 प्रतिशत कम कर दिया जो उस समय लगभग एक करोड़ रुपये थे और उसे लगभग 55 लाख रुपये प्रति माह कर दिया गया। यह किस्त कम होने के बाद मशीनों से खनन करने की अनुमति मिल गई और यमुना में खूब मशीनों से खनन किया जा रहा है। इसके बावजूद असदपुर नांदनौर का ठेकेदार पूरी किस्त जमा नहीं कर रहा है, और हर महीने किस्त का कुछ हिस्सा जमा कर दिया जाता है, जिसके बावजूद खुलेआम खनन किया जा रहा है। अब खनन विभाग के अधिकारियों ने असदपुर नांदनौर का पूरा रिकार्ड निकाला है और उसमें जांच की जा रही है कि उसने अपनी किस्त में कितना रुपया जमा कराया है। इसके अलावा उसपर कितना बकाया है, जिससे उसपर आगे की कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा भी असदपुर नांदनौर में तौल कांटा नहीं लगाया गया है और वहां से ओवरलोड ट्रकों को निकाला जा रहा है। जिसको लेकर बासौदी के लोगों सोनू, राजेंद्र, बीरसिंह आदि ने हंगामा किया और ओवरलोड ट्रकों को बंद कराने की मांग की गई। इसके अलावा टिकौला के पास भी यमुना में खनन करने के लिए बोट मशीन उतारी गई है, जिससे यमुना में गहरे कुंड बनने से लोगों की जान को खतरा पैदा होने लगा है। इससे पहले भी वहां पानी के अंदर कुंड बनने से लोग डूब चुके हैं। इस तरह से यमुना में खनन करने को नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं।
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यहां मैने अभी ज्वाइन किया है और किस्त नहीं भरने के बावजूद खनन करने वाली बड़ौली व टिकौला की खान को सस्पेंड किया गया है। अब असदपुर नांदनौर व अन्य खान का पूरा रिकार्ड चेक किया जा रहा है। जिसने भी किस्त जमा नहीं की हुई है और कोई किस्त कम जमा कर रहा है। इसके अलावा जिनपर सरकार का रुपया बकाया है, उन सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
-संजय सब्बरवाल, जिला खनन अधिकारी
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