लावारिस पशुओं से मुक्त करने का दावा हवाई, सड़कों पर अभी तक घूम रहे 1969 पशु
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। प्रशासनिक अधिकारियों ने जिले को 15 जनवरी तक लावारिस पशुओं से मुक्त करने का दावा किया, लेकिन यह दावा पूरी तरह से हवाई साबित होता दिख रहा है। जिले की सड़कों पर अभी 1969 लावारिस पशु घूम रहे हैं और नगर निगम से लेकर नगर परिषद, नगर पालिका, पंचायत विभाग के अधिकारी उनको पकड़वाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। हालात यह है कि जिले की सड़कों पर जिस तरह से लावारिस पशु घूम रहे हैं, वह आदेश के एक महीने बाद भी गोशाला में नहीं पहुंचाए जा सके हैं। जबकि इन लावारिस पशुओं के कारण रात में कई जगह हादसे हो चुके हैं और उनमें लोगों की जान तक जा चुकी है। इतना कुछ होने के बाद भी अधिकारी सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं।
डीसी विनय सिंह ने लगभग डेढ़ महीने पहले नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका, पंचायत विभाग, पशुपालन विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले की सड़कों पर घूमने वाले लावारिस पशुओं को गोशालाओं में पहुंचाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए डीसी ने 15 जनवरी तक का समय तय किया था। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को तय समय तक जिले को लावारिस पशुओं से मुक्त करने की साफ हिदायत दी थी। लेकिन यह 15 जनवरी का समय बीतने के बावजूद भी सड़कों पर 1969 लावारिस पशु घूम रहे हैं जो अभी तक गोशालाओं तक नहीं पहुंचाए गए हैं। इससे ही पता चलता है कि यह अधिकारी जिले को लावारिस पशुओं से मुक्त करने में डीसी के आदेशों को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं। पशुपालन विभाग की ओर से 15 जनवरी के बाद सड़कों पर मौजूद लावारिस पशुओं की गिनती करके एक रिपोर्ट डीसी को सौंपी गई है। जिसमें सबसे ज्यादा स्थिति गोहाना तहसील क्षेत्र की खराब है, जहां अभी तक 859 लावारिस पशु सड़कों पर मौजूद हैं। सोनीपत तहसील क्षेत्र के अंदर भी 631 लावारिस पशु अभी तक सड़कों पर घूम रहे हैं, जबकि यहां नगर निगम की दो गोशालाएं भी चल रही हैं। खरखौदा क्षेत्र में 328 तो गन्नौर में सबसे कम 151 लावारिस पशु अभी तक सड़क पर घूम रहे हैं।