अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
फिम्स अस्पताल के छाती व फेफड़े रोग विशेषज्ञ डॉ. मनदीप सिंह ने बताया कि अस्थमा एक लंबी चलने वाली बीमारी है जो सांस की नली व फेफड़ों को प्रभावित करती है। यह एक तरह की एलर्जी है, जिसमे खांसी, सांस लेने में दिक्कत, छाती में दबाव व सांस लेते हुए सीटी की आवाज आती है। इसका उपचार नहीं कराने के साथ ही जानकारी की कमी के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में मरीजों की मौत हो रही है। यह मौत सर्दियों के मौसम में ज्यादा होती है, क्योंकि ठंड के मौसम में सूखी हवा होती है और इससे फेफड़ों में जलन बढ़ जाती है। इससे अस्थमा अटैक का खतरा बढ़ जाता है। यह बीमारी बुजुर्गों के साथ बच्चों को भी हो सकती है। फिम्स अस्पताल में सभी बीमारियों अस्थमा, पुरानी खासी, सीओपीडी, टीबी, दमा, अस्थमा अटैक, फेफड़े के कैंसर, ब्रोंकाइटिस, सांस रोग का इलाज उपलब्ध है व सभी संबंधित उपकरण व मशीनों से लैस है।