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मंत्री बदलते ही पुरानी शिकायतें फाइलों में दबाई, किसी का नहीं हुआ समाधान

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अमर उजाला ब्यूरो
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सोनीपत।
जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति के लिए मंत्री नायब सैनी की जगह कृष्णलाल पंवार अध्यक्ष बनाए गए तो अधिकारियों ने पुरानी शिकायतों को फाइलों में दबा दिया। पुरानी फाइलों में से किसी का समाधान नहीं हुआ और फरियादी न्याय के लिए इंतजार कर रहे हैं। मीटिंग में मंत्री पंवार के सामने 14 नई शिकायतों की सूची रख दी गई। हालांकि, इनमें 15वीं शिकायत पुरानी शामिल की गई और वह भी भाजपा कार्यकर्ता की रही। शिकायतकर्ताओं ने अनदेखी का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से मिलने की बात कही है।

जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति के जिले के अध्यक्ष पिछली मीटिंग तक मंत्री नायब सिंह सैनी होते थे, जिनकी जगह सरकार ने अब समिति के अध्यक्ष मंत्री कृष्णलाल पंवार को बनाया है। मंत्री नायब सिंह सैनी के सामने 19 मई को हुई पिछली मीटिंग में 15 शिकायत रखी गई थीं, जिनमें से केवल दो का निस्तारण किया गया था। 13 शिकायतों का निस्तारण नहीं होने पर मंत्री ने नाराजगी जताई थी और अधिकारियों से शिकायतों का जल्द निस्तारण कर रिपोर्ट देने को कहा था। इस बीच वे जिले की समिति के अध्यक्ष नहीं रहे। अब शुक्रवार को मंत्री कृष्णलाल पंवार समिति की मीटिंग में पहुंचे तो उनके सामने 15 शिकायतों की सूची रखी गई, जिनमें 14 नई शिकायतें थीं। जिन शिकायतों को मीटिंग में रखा गया, उनमें से अधिकतर का निस्तारण करने का दावा किया गया है। वहीं पिछली मीटिंग की लंबित शिकायतों पर न कोई चर्चा की गई और न शिकायत कर्ताओं को मीटिंग की सूचना देकर बुलाया गया। इस तरह पुरानी शिकायतों को बिना निस्तारण के फाइलों में दबा दिया गया है। शिकायतकर्ताओं ने साफ कहा है कि वह अधिकारियों के पास जाकर दोबारा से शिकायत दर्ज कराएंगे। वहीं, मीटिंग के बाद अन्य 50 शिकायतें मंत्री को दी गईं, जिनके निस्तारण के आदेश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं। इस दौरान भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजीव जैन, प्रदेश उपाध्यक्ष कविता चौधरी, दादा बलजीत मलिक, मोहनलाल बड़ौली आदि मौजूद रहे।
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इन फरियादियों ने खोली अधिकारियों की पोल
थानाकलां के सरपंच बलराम व अन्य ग्रामीणों ने पेयजल की समस्या की शिकायत दर्ज कराई थी, क्योंकि वहां पानी की सप्लाई नहीं आती है और लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। इस समस्या का समाधान नहीं करने पर पिछली बैठक में मंत्री नायब सैनी ने अधिकारियों पर नाराजगी जताई थी। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया और इस समस्या को न लिस्ट में रखा गया। जब सरपंच बलराम से बात की गई तो उनका कहना था कि उनको मीटिंग में आने तक की सूचना नहीं दी गई, जिससे वह अपनी बात रख सके।

बागडू गांव के बलगानंद बैरागी ने स्वच्छता अभियान के नाम पर शौचालयों के लिए जारी रुपया उनके पास तक नहीं पहुंचने का आरोप लगाया था। इस मामले में मंत्री नायब सैनी ने पिछली बैठक में पंचायत सचिव पर कार्रवाई और इसमें शामिल अन्य पर भी शिकंजा कसने के लिए कहा गया था। जब बलगानंद बैरागी से बात की गई तो उनका कहना था कि बीडीपीओ ने दबाव बनाकर सरपंच से लिखवा लिया कि पैसा जारी कर दिया गया है। जबकि उनका आरोप है कि कोई पैसा जाश्ी नहीं किया गया है और मीटिंग में नहीं बुलाए जाने पर वह दोबारा डीसी को शिकायत देंगे।

रायपुर गांव के पूर्ण की ओर से शिकायत दी गई थी कि गली में अवैध कब्जे किए गए हैं और उसके बावजूद निगम के जेई ने लोगों से मिलीभगत कर गली को काफी चौड़ा दिखा दिया। पिछली मीटिंग में इन अवैध कब्जों को हटवाने के आदेश दिए गए थे, लेकिन वह अभी तक नहीं हटाए गए हैं। पूर्ण से जब बात की गई तो उसने बताया कि वहां कोई कब्जे हटवाने नहीं पहुंचा है और उसको मीटिंग के बारे में बताया भी नहीं गया।

हुल्लाहेड़ी के राजपाल ने रास्ते में अवैध रूप ट्रांसफार्मर रखे होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पिछली मीटिंग में मंत्री ने बिजली निगम अधिकारियों को वह ट्रांसफार्मर हटाने के आदेश दिए थे। राजपाल ने बांत करने पर बताया कि ट्रांसफार्मर को अभी तक नहीं हटाया गया है और उसे शुक्रवार को कोई मीटिंग होने की जानकारी तक नहीं दी गई। उसने बताया कि ट्रांसफार्मर अभी तक नहीं हटाया गया है।

गबन की जांच में लगेगा एक महीना
राई हल्के के भाजपा कार्यकर्ता संजय सिंह की ओर से शिकायत की गई थी कि राई ब्लाक में मुख्यद्वार, लोहे के गेट, हाईमास्ट लाइट लगाने में 50 लाख रुपये का गबन किया गया है। इस मामले में जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य मनोज जैन को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिनको बीडीपीओ राई कार्यालय से रिकॉर्ड नहीं दिया गया था। यह मामला अब फिर से रखा गया तो इसकी जांच में एक महीने का समय लगने की बात कही गई।
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स्कूल को बंद नहीं करा सकते
असावरपुर के बलजीत सिंह ने बगैर मान्यता के चल रहे स्कूल की शिकायत दर्ज कराई हुई है। इस पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि स्कूल की पांचवीं तक की मान्यता है और इसकी आगे की मान्यता का मामला निदेशालय में चल रहा है। ऐसे में स्कूल को बंद नहीं कराया जा सकता है। मंत्री ने इस मामले की जांच एसडीएम को करने के निर्देश दिए।
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मोहाना में बिजली समस्या का नहीं हुआ समाधान
ब्लाक समिति सदस्य युद्धविंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि मोहाना क्षेत्र में बिजली की काफी समस्या है और इस समय फसलों का सिंचाई का काम चल रहा है जो काफी प्रभावित हो रहा है। वह सीएम विंडो, ग्रीवेंस कमेटी के अलावा अधिकारियों के सामने समस्या रख चुके हैं, लेकिन मोहाना क्षेत्र के किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। वहां यही हालात रहे तो किसानों की फसल सूख जाएगी और इसके लिए पूरी तरह से बिजली निगम व प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
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जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति लोगों को न्याय देने के लिए है। जिस अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाती है वह उसे गंभीरता से निपटाए ताकि जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिकायत लंबे समय तक न चले और अधिकारी व सभी मेंबर तालमेल से कार्य करें। किसी भी कार्य के पूरा न होने पर अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी और शिकायतों को क्रॉस चेक भी किया जाएगा।
- कृष्णलाल पंवार, परिवहन मंत्री

मंत्री बदलते ही फाइलों में दबाईं पुरानी शिकायतें, किसी का समाधान नहीं
जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण मीटिंग में 14 नई शिकायतें की गई शामिल
मंत्री नायब सिंह सैनी के सामने पिछली मीटिंग में आई 15 शिकायतों में 13 का नहीं हुआ था निस्तारण
उनपर मंत्री ने विभागों के अधिकारियों को लगाई थी फटकार, निस्तारण के जारी किए गए थे आदेश
अब मंत्री कृष्णलाल के सामने 14 नई तो एक पुरानी भाजपा कार्यकर्ता की शिकायत मीटिंग में रखी
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