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नगर निगम के अभी नहीं होंगे चुनाव, वार्डबंदी को नहीं मिला ठेकेदार

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प्रदीप कौशिक
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सोनीपत।
नगर निगम बनने के बाद शहर की नई सरकार के लिए इंतजार लंबा होता जा रहा है। नगर निगम की वार्ड बंदी के लिए अधिकारियों को कोई ठेकेदार ही नहीं मिल रहा। हालांकि, वार्डबंदी के लिए टेंडर छोड़ने की प्रक्रिया शुरू जरूर की गई, किसी ठेकेदार ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। इससे साफ है कि नगर निगम के चुनाव अभी नहीं होंगे और वार्ड बंदी का ठेका छोड़ने के लिए मुख्यालय से दोबारा मंजूरी ली जाएगी।
जुलाई 2015 में प्रदेश सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर नगर परिषद को नगर निगम का दर्जा दिया गया था। निगम में शहर के क्षेत्र के अलावा जीटी रोड बेल्ट के 26 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया था। उसके बाद से नगर निगम में अधिकारियों के सहारे ही विकास कार्य चल रहे हैं। निगम क्षेत्र में कार्य धीमी गति से होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपने क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए निगम कार्यालय के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं, क्योंकि निगम के चुनाव हो जाते हैं तो लोगों को विकास कार्य कराने के लिए निगम अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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पांच माह पहले ठेका लिया, फिर उसे छोड़ दिया
चुनाव जल्द हो सके, इसके लिए करीब पांच माह पहले नगर निगम ने वार्ड बंदी करने के लिए हैदराबाद की कंपनी को ठेका दिया था। कंपनी को नगर निगम की ओर से तीन माह का लक्ष्य मिला था, लेकिन कंपनी वार्डबंदी का काम शुरू नहीं कर पाई। इससे नगर निगम के अधिकारियों ने कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा तो कंपनी ने काम करने से इंकार कर दिया और ठेका रद कर दिया गया।

निगम में बनाए जाने हैं 20 वार्ड
सोनीपत शहर की जनसंख्या अभी करीब चार लाख है। निगम अधिकारियों के मुताबिक, वार्डबंदी के तहत सोनीपत शहर के अलावा इसमें शामिल 26 गांवों को भी शामिल किया जाएगा। इससे नगर निगम की जनसंख्या करीब छह लाख तक पहुंचेगी। जनसंख्या के हिसाब से वार्ड का सीमांकन किया जाना है। निगम अधिकारियों की मानें तो नगर निगम क्षेत्र में लगभग 20 वार्ड बनाए जाएंगे।

15 दिन पहले शुरू की थी टेंडर प्रक्रिया
हैदराबाद की कंपनी ने वार्डबंदी में रुचि नहीं ली तो टेंडर रद करने के बाद नगर निगम ने शहरी निकाय विभाग से दोबारा टेंडर छोड़ने की मंजूरी ली। वहां से मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम ने 15 दिन पहले ही दोबारा टेंडर की प्रक्रिया शुरू की। 16 जून को अंतिम तिथि तक किसी भी ठेकेदार ने वार्डबंदी के लिए टेंडर नहीं डाला।
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निगम की ओर से वार्डबंदी कराने के लिए दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन किसी भी ठेकेदार ने टेंडर नहीं डाला है। इस कारण दोबारा टेंडर मांगने के लिए मुख्यालय से मंजूरी ली जाएगी ताकि जल्द ठेका देकर वार्डबंदी कराई जा सके। वार्डबंदी पूरी होने के बाद ही निगम के चुनाव हो सकते हैं।
- विनोद नेहरा, कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम

नगर निगम के अभी नहीं होंगे चुनाव, वार्डबंदी को नहीं मिला ठेकेदार
निगम क्षेत्र की वार्ड बंदी कराकर 20 वार्डों के लिए तय किया जाना है एरिया
वार्ड बंदी नहीं होने के कारण दो साल से अटके हैं नगर निगम के चुनाव
अब टेंडर छोड़कर कराई जानी थी वार्डबंदी, फिर कराए जाते चुनाव
एक भी टेंडर नहीं आने से वार्डबंदी के साथ चुनाव भी अटके
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