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साथी मजदूर की गला दबाकर हत्या करने के दोषी को दस साल कैद

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सोनीपत। जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाईएस राठौर की अदालत ने कहासुनी के बाद साथी मजदूर की हत्या करने के मामले में आरोपी युवक को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को दस साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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विदित रहे कि उत्तरप्रदेश के जिला मुजफ्फरनगर के गांव बुडीना निवासी महाबीर ने 5 अप्रैल, 2017 को थाना राई पुलिस को बताया था कि उसका बेटा अशोक कुमार (28) फिलहाल गांव चौहान जोशी में किराए पर रहता है। वह मेहनत मजदूरी का काम करता है। उसके साथ की मुजफ्फरनगर के गांव शेरपुर का रामबीर भी रहता था। दोनों करीब एक माह से ही एक साथ रहने लगे थे। उसने बताया था 1 अप्रैल, 2017 को उन दोनों में मामूली कहासुनी को लेकर झगड़ा हो गया था। इसी दौरान रामबीर ने अशोक का गला दबा दिया था। अचानक गला दबाए जाने से अशोक की हालत बिगड़ गई थी और बेसुध हो गया था। इस पर रामबीर मौके से फरार हो गया था। साथ रह रहे लोगों ने अशोक को अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां से उसे पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया गया था। पुलिस ने मामले में अशोक के पिता महाबीर के बयान पर रामबीर के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने आरोपी रामबीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में 2 मई, 2017 को अशोक की मौत हो गई थी। मुजफ्फनगर के थाना तितावी पुलिस ने अशोक के शव को पोस्टमार्टम कराने के बादर राई थाना पुलिस को सूचित किया था। जिस पर पुलिस ने मामले में आईपीसी की धारा 302 भी जोड़ दी थी।
मामले की सुनवाई करते हुए शुक्रवार को सेशन जज वाईएस राठौर की अदालत ने रामबीर को दोषी करार दिया। दोषी को दस साल कैद और दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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