सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. परमिंद्र कौर की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में मृतका के पति समेत चार दोषियों को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है।
विदित रहे कि अक्तूबर, 2016 को सदर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव ककरोई में महिला रेणु ने फंदा लगाकर जान दी है। जिस पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। रेणु का शव बेड पर पड़ा मिला था। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया था। महिला के भाई दिल्ली के सिरसपुर निवासी दीपक ने पुलिस को बताया था कि उसकी बहन रेणु की शादी वर्ष 2011 में ककरोई के प्रदीप के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसकी बहन को दहेज की मांग के लिए प्रताड़ित करने लगे थे। उसके साथ मारपीट की शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना दी जाती थी। कई बार ससुराल पक्ष के लोगों की मांग उन्होंने पूरी की, लेकिन फिर भी उनकी प्रताड़ना कम नहीं हुई। उन्हें सूचना मिली थी कि उसकी बहन ने फंदा लगा लिया है। बहन की ससुराल आने पर उसकी बहन का शव बेड पर पड़ा मिला था। पुलिस ने दीपक के बयान पर रेणु के पति प्रदीप, जेठ अशोक, सास इंद्रावती और जेठानी पुष्पा के खिलाफ के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया था।
मामले की सुनवाई के बाद वीरवार को एएसजे डॉ. परमिंद्र कौर की अदालत चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने चारों को आईपीसी की धारा 304बी के तहत 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है।