विवाह मुहूर्त की शुभ घड़ी जल्द आने वाली है। कार्तिक मास के देवोत्थान एकादशी के बाद शादी के लिए शुभ मुहूर्त शुरू हो जाते हैं। देवोत्थान एकादशी इस बार 4 नवंबर को हैं, लेकिन तारा अस्त होने से शादी का शुभ मुहूर्त नहीं है। नवंबर में शादी के केवल 4 शुभ मुहूर्त रहेंगे। इस माह के अंतिम सप्ताह में तारा उदय होगा, उसके बाद ही शादियों के मुहूर्त शुरू होंगे। नवंबर-दिसंबर में शादियों के केवल 10 मुहूर्त रहेंगे। हालांकि नए साल में खूब शहनाई बजेंगी।
चिटाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित अमित शोनक ने बताया कि हिंदू शास्त्रों के अनुसार देव उठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु पाताल में विश्राम काल पूरा करने के बाद चार माह की निंद्रा से उठते हैं और क्षीर सागर से निकलकर सृष्टि का संचालन शुरू करते हैं। देेवोत्थान अर्थात देव उठनी एकादशी के साथ ही विवाह के शुभ मुहूर्त सहित सभी मांगलिक कार्यों का सिलसिला शुरू हो जाता है। उन्होंने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल देवउठनी एकादशी 4 नवंबर शुक्रवार को है, लेकिन तारा अस्त होने के कारण विवाह का शुभ मुहूर्त नहीं है। उन्होंने बताया कि देवउठनी एकादशी के अगले दिन 5 नवंबर को माता तुलसी व शालीग्राम का विवाह संपन्न होगा। यह अबूझ मुहूर्त होता है, इसलिए इस दिन मांगलिक कार्य किए जा सकेंगे।
25 नवंबर को उदय होगा तारा
पंडित अमित शोनक ने बताया कि 25 नवंबर को तारा उदय होगा। जिसके बाद शादियों के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। नवंबर माह में जहां शादियों के 4 मुहूर्त होंगे, वहीं दिसंबर माह में 6 दिन ही शादियों के शुभ मुहूर्त रहेंगे। उसके बाद मल मास शुरू हो जाएगा। इसके बाद नए साल में 15 जनवरी से शादी के शुभ मुहूर्त शुरू होंगे।
शादी की तैयारियों में जुटे लोग, बैंक्वेट हॉल किए बुक
शादियों के मुहूर्त को देखते हुए लोगों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। 5 नवंबर को अबूझ मुहूर्त होने के कारण इस दिन जमकर शादियां होंगी। इसके लिए लोगों ने अभी से शहर के होटलों व बैंक्वेट हॉल बुक करवाने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही फूलमाला, शहनाई व हलवाइयों की भी बुकिंग शुरू हो चुकी है। बैंक्वेट हॉल के मालिक राकेश शर्मा की मानें तो सोनीपत शहर में करीब 48 बैंक्वेट हाल हैं। इनमें से करीब 95 फीसदी की बुकिंग हो चुकी हैं। जिनकी बुकिंग नहीं हुई है, आगामी दिनों में उनकी भी बुकिंग हो जाएगी।
यह हैं शादियों के शुभ मुहूर्त
नवंबर : 05, 25, 27 व 28
दिसंबर : 02, 04, 07, 08, 09 व 14
जनवरी 2023 : 15, 25, 26, 27, 28, 30 व 31
फरवरी 2023 : 01, 06, 07, 08, 10, 15, 16, 17, 22 व 23
अबूझ मुहूत : 05 नवंबर को तुलसी विवाह, 26 जनवरी को बसंत पंचमी व 14 मार्च को शीतला सप्तमी होने से अबूझ मुहूर्त रहेंगे। इन दिनों सबसे अधिक विवाह होंगे।