सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत ने मामा के घर गई किशोरी से दुष्कर्म किए जाने के मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दो साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। मामले में किशोरी के मामा पर आरोपी की मदद का आरोप था। अदालत ने सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया है।
विदित रहे कि 30 नवंबर 2018 को महिला ने मुरथल थाना पुलिस को बताया था कि उसकी पहली शादी से हुई 15 साल की बेटी उसके साथ रहती है। वह मुरथल थाना क्षेत्र के गांव में रहती है। महिला ने बताया था कि गांव में ही उसका रिश्ते में ममेरा भाई भी रहता है। उसके घर उनका आना जाना है। महिला ने बताया था कि 26 नवंबर को उसकी बेटी अपने मामा के घर गई हुई थी। वहां पर उसके ममेरे भाई का दोस्त उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाला युवक आया था। उस युवक ने उसके ममेरे भाई की शह पर उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया था। घटना के दिन उसकी बेटी वापस आ गई थी, लेकिन उसने डर के चलते कुछ नहीं बताया था। महिला ने बताया था कि 29 नवंबर को उसके ममेरे भाई ने अपने दोस्त को फिर से गांव में बुलवा लिया था। उसकी बेटी ने आरोपी को गांव में देखा तो वह घर आ गई थी और उसके साथ हुई घटना से अवगत कराया था। जिस पर उसने मामले से पुलिस को अवगत कराया था। पुलिस ने जांच के बाद महिला के बयान पर आरोपी युवक और उसके ममेरे भाई के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन जांच अधिकारी मंजू ने 1 दिसंबर 2018 को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले में सुनवाई करते हुए सोमवार को एएसजे डीआर चालिया की अदालत ने आरोपी युवक को दोषी करार दिया है। उसे दस साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दो साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। मामले में अदालत ने किशोरी के आरोपी मामा को बरी कर दिया।